Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव स्थित NESCO Exhibition Centre में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स के सेवन से दो मैनेजमेंट स्टूडेंट्स की मौत हो गई। यह हादसा 11 अप्रैल 2026 को हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई करने व
Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव स्थित NESCO Exhibition Centre में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स के सेवन से दो मैनेजमेंट स्टूडेंट्स की मौत हो गई। यह हादसा 11 अप्रैल 2026 को हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे गिरोह के काम करने के तरीके की जांच कर रही है।
कौन थे शिकार और कैसे हुआ हादसा?
इस हादसे में JBIMS कॉलेज के दो MBA छात्र श्रेया राय (24) और बिस्मत सिंह अमरजीत सिंह भसीन (28) की जान चली गई। उनके साथ एक और छात्रा शीतल साल्वी भी थीं, जिन्हें इलाज के बाद मंगलवार को बॉम्बे हॉस्पिटल से छुट्टी मिली। शीतल ने पुलिस को बताया कि उनके क्लासमेट रौनक खंडेलवाल ने ग्रुप को ‘येलो एक्सटसी पिल्स’ (पीली गोलियां) दी थीं। शक है कि तीनों ने दो-दो गोलियां ली थीं, लेकिन शीतल को उल्टियां होने की वजह से उनकी जान बच गई।
ड्रग्स सप्लाई करने वाला नेटवर्क कैसे काम करता था?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह एक मकड़ी के जाल जैसा सिंडिकेट था जो पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में फैला हुआ था। इसमें आयुष साहित्य को मुख्य सप्लायर माना जा रहा है जो हाई-प्रोफाइल इवेंट्स को निशाना बनाता था। छात्र ऑनलाइन पैसे इकट्ठा करते थे, जो आयुष के किसी रिश्तेदार के खाते में जाते थे और फिर वहां से सप्लायर्स तक पहुँचते थे।
| आरोपी का नाम |
भूमिका/आरोप |
| आयुष साहित्य |
मुख्य सप्लायर / मास्टरमाइंड |
| आनंद पटेल, विनीत गेरेलानी, शुभ अग्रवाल |
ड्रग पेडलर्स (सप्लायर) |
| प्रतीक पांडे, रौनक खंडेलवाल |
ड्रग्स की खरीद और वितरण |
| आकाश बनमरी सामल |
कॉन्सर्ट ऑर्गनाइजर |
| प्रदीप अरविंद गुप्ता |
सिक्योरिटी गार्ड (रिश्वत लेकर एंट्री दी) |
| बालकृष्णन बी. कुरुप और सनी जैन |
NESCO मैनेजमेंट/सिक्योरिटी |
भविष्य के इवेंट्स के लिए पुलिस ने क्या कड़े नियम बनाए?
इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने EDM कॉन्सर्ट्स के लिए अनुमति देने से पहले कड़ी जांच के आदेश दिए हैं। 14 अप्रैल को जारी एक सर्कुलर के मुताबिक, अब सभी लाइव शोज के लिए स्पेशल एंटी-ड्रग, एंटी-हैरसमेंट और एंटी-थेफ्ट स्क्वाड बनाए जाएंगे। इन स्क्वाड्स का खर्च इवेंट ऑर्गनाइजर्स को ही उठाना होगा और फीस एडवांस में जमा करनी होगी। साथ ही, पुलिस अब सभी बड़े इवेंट्स के लिए एक Standard Operating Procedure (SOP) भी लागू करेगी ताकि जिम्मेदारियां तय की जा सकें।