Mumbai में सफर करना हुआ जोखिम भरा, खुले मैनहोल और गिरते पेड़ों से लोग डरे; IMD ने जारी किया Red Alert
Maharashtra: मुंबई के आम लोगों के लिए घर से बाहर निकलना अब डर का कारण बन गया है। पिछले कुछ दिनों में खुले मैनहोल में गिरने, बिजली के झटके लगने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं ने शहर की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भार
Maharashtra: मुंबई के आम लोगों के लिए घर से बाहर निकलना अब डर का कारण बन गया है। पिछले कुछ दिनों में खुले मैनहोल में गिरने, बिजली के झटके लगने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं ने शहर की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी बारिश के बीच लोग अब अपनी जान की फिक्र कर रहे हैं, जिससे उनके मानसिक तनाव में बढ़ोतरी हुई है।
4 जुलाई 2026 को IMD ने मुंबई और आसपास के जिलों के लिए Red Alert जारी किया था। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए BMC ने दोपहर के सत्र के लिए स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री गिरीश महाजन ने लोगों से बिना जरूरी काम के बाहर न निकलने की सलाह दी। मेयर रितु तावड़े ने भी लोगों को समुद्र किनारे न जाने की अपील की और कंट्रोल रूम जाकर स्थिति का जायजा लिया।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था की पोल तब खुली जब कई दुखद हादसे हुए। 30 जून को चेंबूर में एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई। इसके बाद 1 जुलाई को नेरुल में दो कॉलेज छात्रों को बिजली का झटका लगा और उलवे में एक निर्माण मजदूर की मौत हो गई। 2 और 3 जुलाई को चंदिवली में एक व्यक्ति खुले मैनहोल में गिरकर मर गया, जबकि मुंब्रा और भिवंडी में दो लोगों की मौत करंट लगने से हुई।
इन घटनाओं के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने खुले मैनहोल को ‘डेथ ट्रैप’ बताया और निर्देश दिया कि इस साल मैनहोल की वजह से कोई मौत नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने BMC को सुरक्षा ग्रिल लगाने का आदेश दिया है। इस मामले में BMC ने लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को सस्पेंड किया है और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
सड़कों के अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी असुरक्षित महसूस हो रहा है। 4 जुलाई को एक लोकल ट्रेन में नशे में धुत व्यक्ति ने दूसरे यात्री को जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, 4 जुलाई को शहर में 103 पेड़ और टहनियां गिरने की खबरें आईं, जिससे संपत्ति का नुकसान हुआ और एक व्यक्ति घायल हो गया। महाराष्ट्र के एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर भरत कलस्कर ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं को 50% तक कम करना है।