Maharashtra: केंद्र सरकार मुंबई में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने जा रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय अब शहर में अलग-अलग जगहों पर मौजूद अपने 20 ऑफिसों को एक ही कैंपस में शिफ्ट करेगा। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने शुक्
Maharashtra: केंद्र सरकार मुंबई में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने जा रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय अब शहर में अलग-अलग जगहों पर मौजूद अपने 20 ऑफिसों को एक ही कैंपस में शिफ्ट करेगा। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को एक बैठक में इस योजना की जानकारी दी। इसका मुख्य मकसद सरकारी काम को आसान बनाना और खर्चों में कटौती करना है।
इस बदलाव से आम लोगों और व्यापारियों को क्या फायदा होगा?
अब तक व्यापारियों और स्टार्टअप्स को अलग-अलग कामों के लिए शहर के अलग-अलग कोनों में जाना पड़ता था। अब एक ही जगह पर 12 अलग-अलग संगठन मौजूद होंगे, जिससे ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा मिलेगा। नए कैंपस में आधुनिक कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम होगा, जिससे लोग एक ही जगह बैठकर मंत्रालय के 46 अलग-अलग संगठनों से डिजिटल तरीके से जुड़ सकेंगे। इससे समय बचेगा और भागदौड़ कम होगी।
सरकार के इस फैसले के पीछे क्या कारण हैं?
मंत्री Piyush Goyal ने बताया कि इस कदम से सरकार के किराए, हाउसकीपिंग और बिजली जैसे खर्चों में भारी कमी आएगी। साथ ही, सरकारी अधिकारियों और आम जनता को कम सफर करना पड़ेगा, जिससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण कम होगा। यह मुंबई में एक पायलट प्रोजेक्ट की तरह शुरू किया जा रहा है, जिसे बाद में पूरे देश में लागू किया जा सकता है।
कौन से ऑफिस शिफ्ट होंगे और कौन से नहीं?
| शिफ्ट होने वाले संभावित ऑफिस |
शिफ्ट न होने वाले ऑफिस |
| Tea Board |
Export Credit Guarantee Corporation of India (ECGC) |
| Salt Commissioner’s Organisation |
Indian Institute of Packaging |
| India Trade Promotion Organisation (ITPO) |
– |
| Directorate General of Foreign Trade (DGFT) |
– |
इस पूरी योजना की स्टडी के लिए National Productivity Council को जिम्मेदारी दी गई है। वे यह देखेंगे कि ऑफिसों को कैसे एक साथ लाया जाए और खाली हुई पुरानी जगहों का सही इस्तेमाल कैसे हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस नई सुविधा का लाभ किन लोगों को मिलेगा?
इसका सबसे ज्यादा फायदा एक्सपोर्टर्स, MSMEs और स्टार्टअप्स को मिलेगा, क्योंकि उन्हें अब एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी।
क्या यह सुविधा सिर्फ मुंबई तक सीमित रहेगी?
नहीं, मुंबई में इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है। National Productivity Council की स्टडी के बाद इसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।