Maharashtra: मुंबई के कोलाबा इलाके में रहने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। BMC द्वारा बनाए जा रहे आवासीय क्वार्टरों को आखिरकार CRZ क्लियरेंस मिल गया है। अब इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे
Maharashtra: मुंबई के कोलाबा इलाके में रहने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। BMC द्वारा बनाए जा रहे आवासीय क्वार्टरों को आखिरकार CRZ क्लियरेंस मिल गया है। अब इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे शहर को साफ रखने वाले मजदूरों को अपना खुद का घर मिल सकेगा।
सफाई कर्मचारियों को घर कैसे मिलेंगे और क्या है योजना?
यह पूरा प्रोजेक्ट ‘आश्रय योजना’ के तहत तैयार किया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने ‘डॉ बाबासाहेब अंबेडकर श्रम सफ़ल्य आवास योजना’ का प्रस्ताव रखा है। इस योजना के मुताबिक, नगर निगम द्वारा बनाए जाने वाले नए घरों में से 50 प्रतिशत घर सफाई कर्मचारियों को दिए जाएंगे और उन्हें मालिकाना हक भी मिलेगा। घरों का बंटवारा लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा ताकि सब कुछ पारदर्शी रहे।
प्रोजेक्ट की मंजूरी और अब तक की प्रोग्रेस क्या है?
इस प्रोजेक्ट के लिए BMC ने अक्टूबर 2024 में प्रस्ताव रखा था। इसके बाद 2 फरवरी 2026 को MCZMA ने शुरुआती मंजूरी दी थी। कोलाबा का यह इलाका तटीय क्षेत्र (CRZ) में आता है, इसलिए निर्माण शुरू करने से पहले अंतिम मंजूरी लेना जरूरी था। 5 मई 2026 को BMC ने अंतिम आवेदन जमा किया और 24 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर CRZ क्लियरेंस जारी कर दिया गया।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से Solid Waste Management (SWM) विभाग के उन सफाई कर्मचारियों को मिलेगा जो लोअर इनकम ग्रुप (LIG) में आते हैं। BMC की पॉलिसी के अनुसार, इन कर्मचारियों को उनकी सर्विस अवधि के दौरान रहने के लिए घर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए कोलाबा के फोर्ट इलाके में कोचीन स्ट्रीट पर जमीन तय की गई है, जिसमें मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की भी हिस्सेदारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सफाई कर्मचारियों को घर का मालिकाना हक कैसे मिलेगा?
महाराष्ट्र सरकार की ‘डॉ बाबासाहेब अंबेडकर श्रम सफ़ल्य आवास योजना’ के तहत नए नगर निगम घरों का 50 प्रतिशत हिस्सा सफाई कर्मचारियों को मालिकाना हक के साथ दिया जाएगा।
घरों का आवंटन किस आधार पर किया जाएगा?
BMC के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर किरण दिघावकर के अनुसार, पात्र सफाई कर्मचारियों के बीच घरों का आवंटन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा।