Maharashtra: मुंबई के कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के दूसरे फेज (वर्सोवा-भायंदर) के लिए करीब 45,000 मैंग्रोव पेड़ों को काटने की तैयारी है। इसे लेकर शहर के नागरिक और पर्यावरण प्रेमी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना
Maharashtra: मुंबई के कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के दूसरे फेज (वर्सोवा-भायंदर) के लिए करीब 45,000 मैंग्रोव पेड़ों को काटने की तैयारी है। इसे लेकर शहर के नागरिक और पर्यावरण प्रेमी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन पेड़ों के कटने से शहर की सुरक्षा और मछुआरों की रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ेगा।
विरोध प्रदर्शन और लोगों की चिंताएं क्या हैं?
17 मई 2026 को बांद्रा वेस्ट के कार्टर रोड पर करीब 100 लोग जमा हुए और शांतिपूर्ण तरीके से जागरूकता फैलाई। पुलिस ने ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए ह्यूमन चेन बनाने की इजाजत नहीं दी थी, इसलिए लोग छोटे समूहों में इकट्ठा हुए। कोली मछुआरा समुदाय को डर है कि मैंग्रोव खत्म होने से समुद्री जैव विविधता खत्म होगी और उनका रोजगार छिन जाएगा।
BMC और सरकार का इस पर क्या कहना है?
BMC ने बताया कि प्रोजेक्ट के प्रभाव क्षेत्र में करीब 60,000 मैंग्रोव हैं, जिनमें से 9,000 को पूरी तरह काटा जाएगा और 37,000 अस्थायी रूप से प्रभावित होंगे। कमिश्नर भूषण गगरानी के मुताबिक, सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। मुआवजे के तौर पर ठाणे और पालघर जैसे इलाकों में 1.3 लाख से ज्यादा नए पौधे लगाने की योजना है और इसके लिए मैंग्रोव फाउंडेशन को 300 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
कोर्ट का फैसला और पर्यावरण विशेषज्ञों की राय
सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट के पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। हालांकि, वनशक्ति जैसे NGO और पर्यावरणविदों ने कानूनी नोटिस भेजकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले लगाए गए पौधों की उत्तरजीविता दर कम रही है और मैंग्रोव के बिना मुंबई में बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोस्टल रोड प्रोजेक्ट से कितने मैंग्रोव पेड़ प्रभावित होंगे?
कुल 45,000 से ज्यादा मैंग्रोव पेड़ प्रभावित होने का अनुमान है, जिसमें से लगभग 9,000 पेड़ों को स्थायी रूप से काटा जाएगा और 36,000 पेड़ अस्थायी रूप से प्रभावित होंगे।
BMC ने पेड़ों के नुकसान की भरपाई के लिए क्या योजना बनाई है?
BMC ने ठाणे और पालघर जैसे क्षेत्रों में 1.3 लाख से अधिक मैंग्रोव पौधे लगाने का प्रस्ताव दिया है और रेस्टोरेशन प्लान के लिए 300 करोड़ रुपये दिए हैं।