Maharashtra: मुंबई के भायंदर इलाके में कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के काम के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक गेंट्री क्रेन का प्लेटफॉर्म अचानक 30 फीट की ऊंचाई से गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे दो मजदू
Maharashtra: मुंबई के भायंदर इलाके में कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के काम के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक गेंट्री क्रेन का प्लेटफॉर्म अचानक 30 फीट की ऊंचाई से गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे दो मजदूर नीचे गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल इन मजदूरों को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कौन थे हादसे का शिकार और कहां हुई घटना
मृतक मजदूरों की पहचान 38 साल के रघुनाथ दास और 45 साल के काना सिंह के रूप में हुई है। यह हादसा भायंदर पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन दहिसर-भायंदर लिंक रोड (DBLR) प्रोजेक्ट के कास्टिंग यार्ड में हुआ। यह प्रोजेक्ट मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के दूसरे फेज का हिस्सा है। भायंदर पुलिस स्टेशन ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
BMC ने क्या एक्शन लिया और अब आगे क्या होगा
BMC के प्रोजेक्ट्स विभाग के एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर अभिजीत बांगर और ब्रिज विभाग के चीफ इंजीनियर राजेश मुले ने हादसे के बाद तुरंत काम रोकने का आदेश दिया है। BMC ने ठेकेदार पर जुर्माना लगाने की बात कही है और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का एलान किया है। अब काम दोबारा शुरू करने से पहले एक थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
सुरक्षा जांच के लिए VJTI की टीम तैनात
हादसे की गहराई से जांच करने के लिए BMC ने VJTI के एक्सपर्ट्स की एक टीम नियुक्त की है। यह टीम देखेगी कि क्या काम के दौरान सुरक्षा के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन किया गया था या नहीं। अब वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के सभी हिस्सों में क्रेन और गेंट्री जैसे भारी उपकरणों की दोबारा जांच होगी और एक स्वतंत्र एजेंसी से सुरक्षा सत्यापन कराया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हादसा किस जगह और कब हुआ?
यह हादसा शनिवार, 2 मई 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे भायंदर पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास दहिसर-भायंदर लिंक रोड प्रोजेक्ट के कास्टिंग यार्ड में हुआ।
मृतक मजदूरों के नाम क्या हैं?
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान रघुनाथ दास (38 वर्ष) और काना सिंह (45 वर्ष) के रूप में हुई है।