Mumbai की चॉलों से सीखेंगे ब्रांड बनाने के तरीके, Cannes Lions 2026 में चर्चा का विषय बना सामुदायिक जुड़ाव

Maharashtra: मुंबई की पुरानी चॉलों में रहने वाले लोगों का आपसी जुड़ाव अब दुनिया भर के बड़े ब्रांड्स के लिए सबक बन रहा है। मार्केटिंग और क्रिएटिविटी के बड़े मंच Cannes Lions 2026 में इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे आम लोगों क

Maharashtra: मुंबई की पुरानी चॉलों में रहने वाले लोगों का आपसी जुड़ाव अब दुनिया भर के बड़े ब्रांड्स के लिए सबक बन रहा है। मार्केटिंग और क्रिएटिविटी के बड़े मंच Cannes Lions 2026 में इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे आम लोगों की भागीदारी से किसी ब्रांड को सफल बनाया जा सकता है। अब कंपनियां सिर्फ विज्ञापन देने के बजाय ग्राहकों को अपने साथ जोड़कर ब्रांड बनाना चाहती हैं।

Lightbox (Godrej Consumer Products की इन-हाउस एजेंसी) के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर्स Shalini Avadhani और Gaurav Kumar ने एक लेख के जरिए इस बात को समझाया है। उन्होंने बताया कि मुंबई की चॉलों का माहौल यह सिखाता है कि जब लोग एक समुदाय की तरह जुड़ते हैं, तो उसका असर गहरा होता है। इसी तरह ब्रांड्स को भी अब केवल सामान बेचने के बजाय लोगों को अपना हिस्सा बनाना होगा।

Cannes Lions 2026 के दौरान यह बात सामने आई कि असली वफादारी तब आती है जब ग्राहक सिर्फ सामान खरीदने वाला न रहकर ब्रांड को बनाने में मदद करने लगता है। अब सफल वही ब्रांड होंगे जो अपने समुदाय को भरोसा देंगे और उन्हें चुनौतियों को सुलझाने का मौका देंगे।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अब फोकस सिर्फ लोगों का ध्यान खींचने पर नहीं, बल्कि उनके साथ एक गहरा रिश्ता बनाने पर है। Brand Experience & Activation Lions कैटेगरी में उन कैंपेन को सराहा जा रहा है जो तकनीक, इवेंट्स और यादगार अनुभवों के जरिए लोगों को ब्रांड से जोड़ते हैं। इससे न केवल बिजनेस बढ़ता है, बल्कि समाज में ब्रांड की एक खास पहचान भी बनती है।