Mumbai में चारकोप तालाब को बचाने की BMC की कोशिश फेल, High Court ने कहा पहले हटाओ अतिक्रमण
Maharashtra: मुंबई के चारकोप इलाके में स्थित एक तालाब को बचाने के लिए BMC ने कोर्ट से मदद मांगी थी, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि तालाब के आसपास फैले सभी अवैध कब्जों को हट
Maharashtra: मुंबई के चारकोप इलाके में स्थित एक तालाब को बचाने के लिए BMC ने कोर्ट से मदद मांगी थी, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि तालाब के आसपास फैले सभी अवैध कब्जों को हटाए बिना दीवार बनाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
मामला यह है कि BMC ने साल 2021 में एक याचिका दायर की थी, जिसमें चारकोप तालाब के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए एक पत्थर की दीवार (Gabion Wall) बनाने की अनुमति मांगी गई थी। इस दीवार का मकसद तालाब के आसपास होने वाले अतिक्रमण को रोकना था। हालांकि, मंगलवार 14 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने BMC के इस तर्क को खारिज कर दिया।
एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच ने BMC से पूछा कि क्या अतिक्रमण को बढ़ावा देकर संरक्षण की बात की जा रही है। कोर्ट ने कहा कि BMC चीफ को अतिक्रमण के खिलाफ एक ठोस और मजबूत स्टैंड लेना चाहिए। बेंच ने चेतावनी दी कि अगर अवैध निर्माण नहीं हटाए गए, तो यह एक चक्र बन जाएगा जिससे धीरे-धीरे मैंग्रोव भी खत्म हो जाएंगे और निर्माण कार्य बढ़ता जाएगा। कोर्ट के मुताबिक, पहले जड़ से अतिक्रमण हटाना जरूरी है, तभी मैंग्रोव प्राकृतिक रूप से वापस उग पाएंगे।
दूसरी तरफ, बॉम्बे एनवायरनमेंट एक्शन ग्रुप की तरफ से वकील कार्ल तंबोली ने दलील दी कि प्रस्तावित दीवार से पानी का प्राकृतिक बहाव रुक जाएगा, जिससे मैंग्रोव पर बुरा असर पड़ेगा। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को तय की है, जिसमें BMC को अपना जवाब देना होगा।