Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली Central Railway की लोकल ट्रेनों में बुधवार शाम को भारी परेशानी देखी गई। ट्रेन गार्ड्स (Train Managers) द्वारा शुरू किए गए ‘वर्क-टू-रूल’ विरोध प्रदर्शन की वजह से कई
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली Central Railway की लोकल ट्रेनों में बुधवार शाम को भारी परेशानी देखी गई। ट्रेन गार्ड्स (Train Managers) द्वारा शुरू किए गए ‘वर्क-टू-रूल’ विरोध प्रदर्शन की वजह से कई ट्रेनें रद्द हो गईं और कई अपने तय समय से काफी देरी से चलीं। इस वजह से ऑफिस से घर लौटने वाले लाखों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गार्ड्स क्यों कर रहे हैं विरोध प्रदर्शन?
यह पूरा विवाद Central Railway द्वारा 7 मई 2026 को जारी किए गए Safety Circular No. 15 को लेकर है। नए नियमों के मुताबिक, अब गार्ड्स को स्टेशन आने से पहले चेतावनी के लिए बेल बजानी होगी ताकि Motorman को पता रहे कि ट्रेन रोकनी है। अगर Motorman जवाब नहीं देता और ट्रेन तेज रफ्तार में स्टेशन की ओर बढ़ती है, तो गार्ड को खुद ब्रेक लगाने होंगे। गार्ड्स का कहना है कि इन नए नियमों से उनकी ड्यूटी और जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं, इसलिए वे केवल नियमों के मुताबिक काम कर रहे हैं और कोई अतिरिक्त लचीलापन नहीं दिखा रहे हैं।
यात्रियों पर क्या पड़ा असर और क्या है ताजा स्थिति?
इस विरोध प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर CSMT और उसके आसपास के रूटों पर देखा गया। शाम के पीक ऑवर्स में यात्रियों की भारी भीड़ के बीच ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
| प्रभावित क्षेत्र/बिंदु |
विवरण |
| प्रभावित स्टेशन |
CSMT और मुख्य कॉरिडोर |
| रद्द ट्रेनें |
एक दर्जन से अधिक लोकल ट्रेनें |
| देरी |
10 से 30 मिनट तक की देरी |
| कुल प्रभावित यात्री |
रोजाना करीब 40 लाख यात्री |
Central Railway के CPRO स्वप्निल नीला ने पुष्टि की है कि CSMT के कुछ ट्रेन मैनेजर्स ने नए सर्कुलर के विरोध में यह कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन अब गार्ड्स के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि जल्द से जल्द समाधान निकालकर ट्रेनों को सामान्य किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वर्क-टू-रूल (Work-to-rule) प्रोटेस्ट का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि कर्मचारी अपनी ड्यूटी में कोई भी शॉर्टकट नहीं लेंगे और केवल उन्हीं नियमों का पालन करेंगे जो लिखित में दिए गए हैं। इससे काम की रफ्तार धीमी हो जाती है और पूरा सिस्टम प्रभावित होता है।
ट्रेन गार्ड्स की मुख्य मांग क्या है?
गार्ड्स Safety Circular No. 15 का विरोध कर रहे हैं, जिसमें उन्हें स्टेशन पर ट्रेन रोकने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जिसे वे अपने काम का बोझ बढ़ाना मान रहे हैं।