Mumbai में Central Park बनाने की तैयारी, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी, कहा- शहर में बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में महालक्ष्मी रेसकोर्स को न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क जैसा बनाने की योजना चल रही है। लेकिन शहर में हो रही भारी बारिश के बीच इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर इस खुले मै

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में महालक्ष्मी रेसकोर्स को न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क जैसा बनाने की योजना चल रही है। लेकिन शहर में हो रही भारी बारिश के बीच इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर इस खुले मैदान को विकसित किया गया, तो मुंबई में जलभराव और बाढ़ की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिसंबर 2025 में इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। उन्होंने इसे मुंबईकरों के लिए एक बड़ा तोहफा और 295 एकड़ का ‘ऑक्सीजन पार्क’ बताया था। सरकार ने मार्च 2026 में महालक्ष्मी रेसकोर्स के 120 एकड़ हिस्से में सेंट्रल पार्क बनाने की मंजूरी दी। BMC ने जुलाई 2024 में ही इस जमीन का कब्जा ले लिया था, जबकि बाकी 91 एकड़ जमीन पर मई 2053 तक Royal Western India Turf Club (RWITC) का अधिकार रहेगा।

इस प्रोजेक्ट के तहत जमीन के नीचे एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कन्वेंशन सेंटर बनाने की योजना है। इसे कोस्टल रोड से जोड़ने के लिए 1,200 मीटर लंबी अंडरग्राउंड सुरंग भी बनाई जाएगी, जिसके लिए करीब 500 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। BMC कमिश्नर भूषण गग्रानी ने इसके मास्टर प्लान में मल्टी-लेवल बेसमेंट पार्किंग और बगीचों का जिक्र किया है।

दूसरी तरफ, Mumbai Architects Collective (MAC) के 100 से ज्यादा आर्किटेक्ट्स और प्लानर्स ने इसका विरोध किया है। उन्होंने फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री और BMC कमिश्नर को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी। उनका कहना है कि महालक्ष्मी रेसकोर्स दक्षिण मुंबई का एक ऐसा प्राकृतिक मैदान है जो बारिश के पानी को सोखता है और ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करता है। अगर यहाँ अंडरग्राउंड निर्माण हुआ, तो जमीन पानी सोखने की क्षमता खो देगी। इससे महालक्ष्मी और परेल जैसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा क्योंकि भारी बारिश और हाई टाइड के समय यह मैदान एक होल्डिंग पॉन्ड की तरह काम करता है।

शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी इस प्रस्ताव की आलोचना की है। उन्होंने खासकर अंडरग्राउंड कार पार्क का विरोध करते हुए कहा कि इससे सालों तक खुदाई चलेगी और शहर में धूल और प्रदूषण बढ़ेगा। फिलहाल बेसमेंट के काम के लिए फिजिबिलिटी स्टडी चल रही है।