Maharashtra: मुंबई के Byculla इलाके में स्थित ऐतिहासिक Khilafat House का अब पूरी तरह कायाकल्प होने जा रहा है। इस पुरानी इमारत की जगह अब एक आधुनिक 14 मंजिला ऊंची इमारत बनाई जाएगी। अगले दो सालों में यह प्रोजेक्ट पूरा होने
Maharashtra: मुंबई के Byculla इलाके में स्थित ऐतिहासिक Khilafat House का अब पूरी तरह कायाकल्प होने जा रहा है। इस पुरानी इमारत की जगह अब एक आधुनिक 14 मंजिला ऊंची इमारत बनाई जाएगी। अगले दो सालों में यह प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है, जिससे यहाँ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
Khilafat House में अब क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
नई बनने वाली इस ऊंची इमारत में All India Khilafat Committee के ऑफिस और उनके कॉलेज होंगे। ट्रस्ट की योजना के मुताबिक, यहाँ एक 125 बेड का अस्पताल और BSc नर्सिंग संस्थान भी खोला जाएगा। इसके अलावा, एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाया जाएगा। फिलहाल इस जगह पर B.Ed, D.Ed कॉलेज, कंप्यूटर कोर्स, लाइब्रेरी और एक हॉल चल रहा है।
इमारत के पुनर्विकास को लेकर क्या है विवाद और सच्चाई?
इस प्रोजेक्ट को लेकर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने चिंता जताई है कि इससे ऐतिहासिक ढांचे नष्ट हो जाएंगे। चर्चा है कि यहाँ मौलाना मोहम्मद जौहर अली की पत्नी अमजदी बेगम की कब्र है। ट्रस्ट के चेयरमैन Sarfraz Arzoo ने कहा है कि वे एक शानदार स्मारक बनाना चाहते हैं और हर चीज का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि वहाँ एक कब्र सुरक्षित है, लेकिन उसके अमजदी बेगम की होने का कोई सबूत नहीं है।
इस जमीन का इतिहास और लीज का क्या मामला है?
यह प्लॉट साल 1897 में सोबानी भाइयों ने ब्रिटिश कंपनी E.D. Sasoon से खरीदा था। बाद में 1924 में सोबानी भाइयों ने अपना बंगला और यह जगह All India Khilafat Committee को लीज पर दे दी थी। इस प्रॉपर्टी की 99 साल की लीज 1997 में खत्म हो गई थी, जिसे 2022 में कलेक्टर के साथ रिन्यू कराया गया। ट्रस्टी Rauf Pathan के अनुसार, इस अस्पताल और कॉलेज से होने वाली कमाई का इस्तेमाल चैरिटी और पढ़ाई के कामों में किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Khilafat House की नई इमारत में क्या खास होगा?
नई इमारत ग्राउंड प्लस 14 मंजिला होगी जिसमें 125 बेड का अस्पताल, BSc नर्सिंग संस्थान, आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल और ट्रस्ट के ऑफिस होंगे।
पुनर्विकास का काम कब तक पूरा होगा?
मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस पुनर्विकास कार्य को अगले दो सालों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।