Mumbai में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 7.9 करोड़ की ठगी, साइबर पुलिस ने 1.1 करोड़ रुपये किए रिकवर

Maharashtra: मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके के एक 73 साल के कारोबारी को जालसाजों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर अपना शिकार बनाया। ठगों ने उनसे कुल 7.9 करोड़ रुपये ठग लिए, जिसमें से मुंबई साइबर पुलिस ने अब तक 1.1 क

Maharashtra: मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके के एक 73 साल के कारोबारी को जालसाजों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर अपना शिकार बनाया। ठगों ने उनसे कुल 7.9 करोड़ रुपये ठग लिए, जिसमें से मुंबई साइबर पुलिस ने अब तक 1.1 करोड़ रुपये वापस बरामद किए हैं।

यह पूरी घटना 5 जुलाई से 18 जुलाई 2026 के बीच हुई। ठगों ने कारोबारी को डराया कि उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल दिल्ली में एक बैंक खाता खोलने के लिए किया गया है। उन्हें बताया गया कि यह खाता जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल है। इस डर से कारोबारी ने ठगों की बात मान ली और उन्हें पैसे ट्रांसफर कर दिए।

पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए पांच अलग-अलग राज्यों में करीब 200 फर्जी (mule) बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। पीड़ित कारोबारी ने 21 जुलाई 2026 को वेस्ट साइबर पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज कराई।

इस मामले में एक चौंकाने वाली बात यह रही कि जब असली पुलिस अधिकारी वर्दी में उन्हें अलर्ट करने पहुंचे, तब भी कारोबारी ने उन पर भरोसा नहीं किया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें चेतावनी देने की कोशिश की थी, लेकिन कारोबारी ठगों के जाल में फंसे थे। जब उनके बैंक खाते का बैलेंस जीरो हो गया और ठगों ने उनसे और पैसे के लिए लोन लेने को कहा, तब उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है।

DCP ने बताया कि अगर कारोबारी ने शुरुआत में पुलिस की बात मान ली होती, तो एक बड़ी रकम को बचाया जा सकता था। फिलहाल पुलिस उन 200 बैंक खातों और जालसाजों की तलाश कर रही है जिन्होंने इस बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया।