Maharashtra: मुंबई के दक्षिण इलाके चिनचबंदर में चलने वाली एक फर्म के जरिए करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। CGST और सेंट्रल एक्साइज की एंटी-इवेजन विंग ने 51 साल के कारोबारी Fakhruddins Dahodwala को गिरफ्तार किया ह
Maharashtra: मुंबई के दक्षिण इलाके चिनचबंदर में चलने वाली एक फर्म के जरिए करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। CGST और सेंट्रल एक्साइज की एंटी-इवेजन विंग ने 51 साल के कारोबारी Fakhruddins Dahodwala को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस व्यक्ति ने फर्जी बिलों के जरिए करीब 12.13 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) गलत तरीके से हासिल किया।
कैसे किया गया यह करोड़ों का घोटाला?
जांच में पता चला कि M/s Sikkander & Co नाम की फर्म ने कई ऐसी कंपनियों से बिल लिए थे जो असल में अस्तित्व में ही नहीं थीं। इन फर्जी फर्मों से बिना कोई सामान या सर्विस लिए सिर्फ कागजों पर लेनदेन दिखाया गया ताकि सरकार से टैक्स क्रेडिट लिया जा सके। जब अधिकारियों ने चिनचबंदर स्थित ऑफिस की जांच की, तो पाया कि फर्म वहां से काम ही नहीं कर रही थी।
कौन-कौन सी कंपनियां थीं इस खेल में शामिल?
इस घोटाले में कई फर्जी संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया जिनसे गलत तरीके से ITC लिया गया। मुख्य रूप से इन फर्मों के नाम सामने आए हैं:
| संस्था का नाम |
क्रेडिट राशि (ITC) |
| Prime Trading |
1.99 करोड़ रुपये |
| Sysintergrated IT & Inra |
56.91 लाख रुपये |
| Lucas Infratrade LLP |
50.52 लाख रुपये |
जांच में क्या खुलासे हुए और क्या होगी सजा?
पुलिस और टैक्स अधिकारियों ने पाया कि फर्म के मालिक Masood Ahmad Siddiqi की जगह सारा काम Fakhruddins Dahodwala ही संभाल रहा था। बैंकिंग, खरीद-बिक्री और टैक्स फाइलिंग सब उसी के इशारे पर हो रही थी। आरोपी को Central Goods and Services Tax Act, 2017 की अलग-अलग धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह GST घोटाला कितने रुपये का है और मुख्य आरोपी कौन है?
यह घोटाला लगभग 12.13 करोड़ रुपये का है। इसमें मुख्य आरोपी 51 वर्षीय मुंबई कारोबारी Fakhruddins Dahodwala है, जो M/s Sikkander & Co का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
आरोपी ने टैक्स चोरी के लिए क्या तरीका अपनाया था?
आरोपी ने फर्जी और गैर-मौजूद कंपनियों के बिलों का इस्तेमाल किया। बिना कोई सामान खरीदे इन फर्जी इनवॉइस के जरिए उसने सरकार से गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम किया।