Mumbai में ‘चूहा’ नाम का शातिर चोर गिरफ्तार, Aadhaar अपडेट ने खुलवा दिया राज
Maharashtra: मुंबई के अंधेरी इलाके में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाला एक शातिर चोर पुलिस की गिरफ्त में है। रफीक चंद शेख उर्फ ‘चूहा’ नाम का यह व्यक्ति घरों में आसानी से घुसने की काबिलियत रखता था, इसलिए अप
Maharashtra: मुंबई के अंधेरी इलाके में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाला एक शातिर चोर पुलिस की गिरफ्त में है। रफीक चंद शेख उर्फ ‘चूहा’ नाम का यह व्यक्ति घरों में आसानी से घुसने की काबिलियत रखता था, इसलिए अपराधी दुनिया में उसे चूहा कहा जाता था। पुलिस ने उसे नालासोपारा स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि रफीक ने महज एक महीने के भीतर अंधेरी के दो घरों से 9 लाख रुपये से ज्यादा की चोरी की थी। वह काफी समय तक पुलिस की नजरों से बचा रहा, लेकिन एक Aadhaar अपडेट की वजह से उसकी पहचान हो गई और पुलिस उसे पकड़ने में कामयाब रही।
हालांकि, इस मामले में Aadhaar की भूमिका को लेकर कुछ कानूनी नियम भी जरूरी हैं। UIDAI के नियमों और Aadhaar एक्ट 2016 की धारा 29 और 33 के मुताबिक, पुलिस को जांच के लिए फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन जैसा बायोमेट्रिक डेटा नहीं दिया जा सकता। यह डेटा केवल पहचान की पुष्टि के लिए होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी में बायोमेट्रिक डेटा के बजाय जनसांख्यिकीय जानकारी (Demographic information) या फोटो का इस्तेमाल हुआ होगा। अक्सर जब लोग अपना मोबाइल नंबर Aadhaar से लिंक करते हैं, तो फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करने वाले अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाता है। UIDAI भी यही सलाह देता है कि मोबाइल नंबर और Aadhaar का लिंक होना जालसाजों की पहचान करने में मदद करता है।