Mumbai: Breach Candy के लोग टाटा गार्डन को बचाने की मांग पर अड़े, BMC से कहा- नया एक्सेस पॉइंट न बनाएँ

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के ब्रीच कैंडी इलाके के रहने वाले लोग अपने इलाके के टाटा गार्डन को बचाने के लिए आगे आए हैं। स्थानीय निवासियों ने BMC से मांग की है कि टाटा गार्डन को एक स्वतंत्र पब्लिक गार्डन के रूप में ही रखा ज

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के ब्रीच कैंडी इलाके के रहने वाले लोग अपने इलाके के टाटा गार्डन को बचाने के लिए आगे आए हैं। स्थानीय निवासियों ने BMC से मांग की है कि टाटा गार्डन को एक स्वतंत्र पब्लिक गार्डन के रूप में ही रखा जाए। लोगों ने आने वाले कोस्टल ग्रीन स्पेस प्रोजेक्ट के लिए भुलाभाई देसाई रोड से तीसरे एक्सेस पॉइंट बनाने का विरोध किया है।

ब्रीच कैंडी रेजिडेंट्स फोरम (BCRF) और ब्रीच कैंडी एडवांस्ड लोकैलिटी मैनेजमेंट (ALM) ने 16 जून 2026 को नगर निगम कमिश्नर को एक पत्र लिखा। निवासियों का कहना है कि अगर नया एक्सेस पॉइंट बनाया गया, तो इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ जाएगी, जो पहले से ही काफी गंभीर है। लोगों ने यह भी मांग की है कि रिक्लेम्ड लैंड (पुनर्प्राप्त भूमि) के किनारे घने देशी पेड़ों की एक हरी पट्टी बनाई जाए, ताकि शोर, प्रदूषण और गर्मी से बचा जा सके।

इस मामले को लेकर 12 जून 2026 को निवासियों, BMC और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की टीम के बीच एक बैठक भी हुई। बता दें कि BMC ने कोस्टल रोड के ओपन स्पेस को डिजाइन और विकसित करने का काम RIL को सौंपा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 11 जून 2026 को अपने आदेश में साफ किया था कि कोस्टल रोड गार्डन और प्रोमेनेड प्रोजेक्ट में आम जनता की पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस पूरे क्षेत्र का केवल 15% हिस्सा ही टिकट वाले या प्रतिबंधित गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो सकता है, जबकि बाकी 85% हिस्सा पूरी तरह मुफ्त और जनता के लिए खुला रहना चाहिए।

इलाके के लोगों ने मांग की है कि किसी भी फैसले से पहले ट्रैफिक पर पड़ने वाले असर की पूरी जांच की जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। इससे पहले जनवरी 2025 में भी टाटा गार्डन के पीछे दो मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने के काम को स्थानीय विरोध और प्रदूषण की चिंताओं के कारण रोक दिया गया था। निवासियों ने अब टाटा ग्रुप से भी इस गार्डन को फिर से गोद लेने की अपील की है।