Maharashtra: साल 1993 के मुंबई बम धमाकों की कहानी अब एक नए मोड़ पर है। उस समय के एक पुलिस अधिकारी Vaghela ने बताया कि कैसे एक मामूली से दिखने वाले नाविक ने उन्हें इस बड़े आतंकी साजिश तक पहुँचाया। इसी जानकारी के आधार पर प
Maharashtra: साल 1993 के मुंबई बम धमाकों की कहानी अब एक नए मोड़ पर है। उस समय के एक पुलिस अधिकारी Vaghela ने बताया कि कैसे एक मामूली से दिखने वाले नाविक ने उन्हें इस बड़े आतंकी साजिश तक पहुँचाया। इसी जानकारी के आधार पर पहली बार दाऊद इब्राहिम का नाम इस केस में सामने आया था।
कौन था वो शख्स जिसने दाऊद का नाम उजागर किया?
Vaghela ने बताया कि पुलिस को एक ऐसा नाविक मिला था जिसने फटी हुई पैंट और घिसी हुई चप्पलें पहनी थीं। पूछताछ के दौरान इस शख्स ने ‘लड्डू’ शब्द का इस्तेमाल किया, जो असल में बमों के लिए इस्तेमाल किया गया एक कोड वर्ड था। इस एक जानकारी ने पुलिस को पूरे आतंकी प्लॉट की तरफ मोड़ दिया।
FIR और दाऊद इब्राहिम का कनेक्शन
इस नाविक से मिली जानकारी के बाद Vaghela ने अपने सीनियर, गुजरात कैडर के IPS अधिकारी Pramod Kumar Jha को इस साजिश के बारे में बताया। इसके बाद 15 जुलाई 1993 को एक FIR दर्ज की गई, जिसमें पहली बार दाऊद इब्राहिम का नाम मुंबई धमाकों के मास्टरमाइंड के तौर पर लिखा गया। दाऊद इब्राहिम D-Company का सरगना है और उसे अमेरिका और UN ने ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है।
1993 मुंबई धमाकों का असर
12 मार्च 1993 को मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में 12 बम धमाके हुए थे। इस भयानक हमले में 257 लोगों की जान गई थी और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अमेरिका ने दाऊद इब्राहिम के सिर पर 2.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दाऊद इब्राहिम का नाम पहली बार कब सामने आया?
दाऊद इब्राहिम का नाम 15 जुलाई 1993 को दर्ज की गई एक FIR में पहली बार मुंबई बम धमाकों के संबंध में सामने आया था।
1993 के मुंबई धमाकों में कितना नुकसान हुआ था?
12 मार्च 1993 को हुए 12 धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।