Mumbai: बिल्डर की हत्या की साजिश का मामला बंद, 20 साल बाद Bombay High Court ने दी राहत

Maharashtra: मुंबई के एक बिल्डर की हत्या की साजिश से जुड़ा करीब 20 साल पुराना मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है। Bombay High Court ने इस मामले में State CID की ‘B-Summary’ क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है।

Maharashtra: मुंबई के एक बिल्डर की हत्या की साजिश से जुड़ा करीब 20 साल पुराना मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है। Bombay High Court ने इस मामले में State CID की ‘B-Summary’ क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। यह पूरा विवाद एक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर था, जिसमें Shreepati builder के मैनेजिंग डायरेक्टर Rajendra Chaturvedi पर साजिश रचने का आरोप लगा था।

यह मामला साल 2007 में शुरू हुआ था जब Juhu पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया था। आरोप था कि राजेंद्र चतुर्वेदी ने अपने प्रतिद्वंद्वी बिल्डर Rashmikant Shah को मारने की योजना बनाई थी। इस मामले में मार्च 2007 में चतुर्वेदी को गिरफ्तार भी किया गया था। हालांकि, State CID ने जब इसकी जांच की, तो फरवरी 2008 में उन्हें क्लीन चिट दे दी थी और केस बंद करने के लिए ‘B-Summary’ रिपोर्ट दाखिल की थी।

B-Summary रिपोर्ट तब लगाई जाती है जब पुलिस को लगता है कि FIR किसी आपसी दुश्मनी या बदले की भावना से दर्ज कराई गई है और मामला झूठा है। हालांकि, 2013 में Andheri की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था, लेकिन अब High Court ने उस पुराने आदेश को रद्द करते हुए CID की रिपोर्ट को सही माना है। जस्टिस A.S. Gadkari और जस्टिस Kamal Khata की बेंच ने यह आदेश 27 जुलाई 2026 को जारी किया।

कोर्ट ने पाया कि जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। CID की जांच में यह बात सामने आई थी कि संभवतः प्रतिद्वंद्वी बिल्डर और कुछ पुलिस अधिकारियों के बीच सांठगांठ थी, जिसकी वजह से राजेंद्र चतुर्वेदी को झूठा फंसाया गया। इस लापरवाही और गलत जांच के कारण उस समय के एडिशनल पुलिस कमिश्नर Bipin Bihari समेत सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी किया गया था।