Maharashtra: मुंबई के लोगों को आने वाले दिनों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। कम बारिश के अनुमान को देखते हुए BMC अब अगस्त तक पानी की सप्लाई मैनेज करने की योजना बना रही है। शहर की सात झीलों में पानी का स्तर
Maharashtra: मुंबई के लोगों को आने वाले दिनों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। कम बारिश के अनुमान को देखते हुए BMC अब अगस्त तक पानी की सप्लाई मैनेज करने की योजना बना रही है। शहर की सात झीलों में पानी का स्तर कम हो रहा है और गर्मी बढ़ने से वाष्पीकरण तेज हो गया है, जिससे पानी तेजी से घट रहा है।
क्या है पानी की मौजूदा स्थिति और कटौती का प्लान?
BMC ने 1 मई 2026 से शहर में 10% पानी की कटौती का प्रस्ताव नगर आयुक्त को भेजा है। फिलहाल सात झीलों में कुल क्षमता का 33.60% पानी बचा है, जो करीब 4.86 लाख मिलियन लीटर (ML) है। हालांकि यह पिछले दो सालों के मुकाबले बेहतर है, लेकिन IMD और Skymet ने इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है, जिसकी वजह से यह कदम उठाया जा रहा है।
पानी की कमी दूर करने के लिए BMC ने क्या कदम उठाए हैं?
पानी की किल्लत को रोकने के लिए BMC ने राज्य सरकार से अतिरिक्त पानी की मांग की है। इसके लिए भातसा और ऊपरी वैतरणा झीलों से ज्यादा रिजर्व मांगा गया है। अगर यह मांग पूरी हो जाती है, तो पानी की कटौती को कम किया जा सकता है या टाला जा सकता है।
| स्रोत/विवरण |
मांगी गई अतिरिक्त मात्रा |
| Bhatsa Lake |
1.47 लाख ML |
| Upper Vaitarna Lake |
90,000 ML |
तापमान का असर और पाइपलाइन का काम
मुंबई में गर्मी और उमस बढ़ रही है, जिससे झीलों का पानी तेजी से सूख रहा है। 16 अप्रैल को अधिकतम तापमान 35°C तक रहने का अनुमान था। इसके अलावा, 16 और 17 अप्रैल को दक्षिण और मध्य मुंबई के कुछ इलाकों में पाइपलाइन के काम की वजह से 18 घंटे पानी की सप्लाई बंद रहेगी। यह काम Sewree Tunnel–Bhandarwada Hill Reservoir पाइपलाइन में वाल्व लगाने के लिए किया जा रहा है, जिसका मानसून रिजर्व से कोई लेना-देना नहीं है।