Maharashtra: मुंबई में बढ़ते तापमान की वजह से शहर की हरियाली को बचाने के लिए BMC ने बड़ी मुहिम शुरू की है। नगर निगम ने सभी हाउसिंग सोसायटियों से अपील की है कि वे अपने परिसर में लगे पेड़ों को नियमित रूप से पानी दें। यह कद
Maharashtra: मुंबई में बढ़ते तापमान की वजह से शहर की हरियाली को बचाने के लिए BMC ने बड़ी मुहिम शुरू की है। नगर निगम ने सभी हाउसिंग सोसायटियों से अपील की है कि वे अपने परिसर में लगे पेड़ों को नियमित रूप से पानी दें। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भीषण गर्मी में पेड़ों की जड़ें सूखने न पाएं और वे सुरक्षित रहें।
BMC ने पेड़ों को बचाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
BMC के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग ने सड़कों के किनारे लगे पेड़ों को पानी देने के लिए टैंकर तैनात किए हैं। इन टैंकरों में पीने लायक पानी के बजाय गैर-पेय जल (non-potable water) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही गार्डन विभाग भी शहर भर में पेड़ों की सेहत की निगरानी कर रहा है और उनकी देखरेख में जुटा है। 14 मई को ही रेलवे स्टेशन, अस्पताल और बस डिपो जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़े पेड़ों को पानी देने के निर्देश दिए गए थे।
पानी की कटौती के बीच सोसायटियों की क्या जिम्मेदारी है?
मुंबई में 15 मई से 10% पानी की कटौती लागू हो गई है, जिससे पानी बचाना एक चुनौती बन गया है। ऐसे में BMC ने हाउसिंग सोसायटियों को याद दिलाया है कि बाई-लॉ 155 के तहत अपने परिसर के पेड़ों का रखरखाव करना उनकी जिम्मेदारी है। कई सोसायटियां अब पानी बचाने के नए तरीके अपना रही हैं, जैसे गाड़ियों को पाइप के बजाय गीले कपड़े से साफ करना और माली को केवल जड़ों में पानी देने के निर्देश देना।
पेड़ों को पानी न मिलने से क्या नुकसान हो सकता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मिट्टी में नमी कम होने से पेड़ों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं, जिससे उनके उखड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादा गर्मी के कारण पेड़ों में ‘हाइड्रोलिक फेल्योर’ जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे टहनियां सूखकर गिरने लगती हैं। यह स्थिति आम लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है, इसलिए समय पर पानी देना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में पानी की कटौती क्यों की गई है?
रिजर्वोयर में पानी का स्तर गिरने और एल नीनो (El Niño) की वजह से मानसून में अनिश्चितता को देखते हुए BMC ने 15 मई से 10% पानी की कटौती लागू की है।
हाउसिंग सोसायटियां पानी बचाने के लिए क्या कर रही हैं?
सोसायटियां पाइप से गाड़ी धोना बंद कर रही हैं, नहाने के लिए शॉवर की जगह बाल्टी का इस्तेमाल कर रही हैं और पौधों की केवल जड़ों में पानी दे रही हैं।