Mumbai में पेड़ गिरने से बच्चे की मौत के बाद BMC का बड़ा फैसला, अब ठेकेदारों की होगी जवाबदेही
Maharashtra: मुंबई के चेंबूर में एक स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद अब BMC ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। प्रशासन अब बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के दौरान प
Maharashtra: मुंबई के चेंबूर में एक स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद अब BMC ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। प्रशासन अब बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के दौरान पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुँचाने वाले ठेकेदारों और संबंधित विभागों को जिम्मेदार ठहराएगा।
नगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े ने इस घटना की जांच के लिए एक दो सदस्यीय समिति बनाई थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि भविष्य के सभी टेंडरों में ऐसे क्लॉज जोड़े जाएं, जिससे ठेकेदारों और सरकारी विभागों की जवाबदेही तय हो सके। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि सड़क निर्माण और खुदाई के दौरान अक्सर पेड़ों की जड़ें कट जाती हैं, जिससे भारी बारिश में पेड़ आसानी से गिर जाते हैं।
जुलाई के पहले हफ्ते में मुंबई में करीब 1,200 से 1,700 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें से 5 जुलाई को सबसे ज्यादा 523 पेड़ और टहनियां गिरी थीं। इस लापरवाही के चलते BMC ने एम-वेस्ट वार्ड के गार्डन असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट जगदीश भोयर को निलंबित कर दिया है।
अतिरिक्त नगर आयुक्त अविनाश ढाकणे ने साफ कहा है कि केवल नोटिस जारी करने से अधिकारियों की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। उन्होंने सड़क विभाग को निर्देश दिया है कि चेंबूर हादसे में शामिल ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सड़कों के कंक्रीटीकरण की वजह से पेड़ों की जड़ें दम तोड़ रही हैं, जिससे वे कमजोर हो रहे हैं।
BMC के ट्री अथॉरिटी ने अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच सड़क कंक्रीटीकरण और खुदाई के दौरान 2,615 पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुँचाने के लिए 428 नोटिस जारी किए थे। इसके अलावा, मई 2026 से मई 2027 तक पेड़ हटाने और छंटाई के लिए 42.24 करोड़ रुपये के ठेके दिए गए थे, जो अनुमानित लागत से काफी कम थे, जिससे काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।