Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक कम करने के लिए BMC एक बड़ा प्लान बना रही है। इसके तहत शहर के पुराने ऑक्ट्रॉय नाकों पर मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब बनाए जाएंगे। अब गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत से आने वाली प्राइवेट
Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक कम करने के लिए BMC एक बड़ा प्लान बना रही है। इसके तहत शहर के पुराने ऑक्ट्रॉय नाकों पर मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब बनाए जाएंगे। अब गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत से आने वाली प्राइवेट बसों को शहर के अंदर आने के बजाय Dahisar और Mankhurd जैसे बाहरी इलाकों में ही रुकना होगा।
इन हब में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इन ट्रांसपोर्ट हब को सिर्फ बस स्टैंड की तरह नहीं, बल्कि कमर्शियल सेंटर की तरह बनाया जाएगा। यहाँ यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग, वेटिंग लाउंज और पार्किंग की अच्छी सुविधा होगी। साथ ही आम लोगों के लिए यहाँ शॉपिंग मॉल, फूड कोर्ट, होटल, बैंकट हॉल और आर्ट गैलरी जैसी सुविधाएं भी मौजूद होंगी। इन हब को मेट्रो और अन्य ट्रांसपोर्ट साधनों से जोड़ा जाएगा ताकि लोगों को आने-जाने में आसानी हो।
प्रोजेक्ट की लागत और मौजूदा स्थिति क्या है?
BMC के अधिकारियों के मुताबिक, Dahisar हब को बनाने में करीब 992 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह 18,000 वर्ग मीटर की जमीन पर बनेगा। वहीं, Mankhurd प्रोजेक्ट की लागत लगभग 240 करोड़ रुपये होगी, जो 29,000 वर्ग मीटर में फैला होगा। म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिडे ने बताया कि इस काम में तेजी लाई जा रही है। पहले इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर निकाला गया था, लेकिन पर्याप्त बिड न मिलने के कारण अब दोबारा ग्लोबल टेंडर जारी करने की तैयारी है।
आम यात्रियों और ट्रैफिक पर क्या असर पड़ेगा?
BMC के एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर अभिजीत बांगर का कहना है कि इन हब से यात्रा आसान होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। लंबे रूट की प्राइवेट बसों को शहर के किनारे रोकने से अंदरूनी सड़कों पर भीड़ कम होगी। हालांकि, अब यात्रियों को शहर के बीच में जाने के बजाय इन हब से आगे की यात्रा के लिए लोकल ट्रांसपोर्ट या मेट्रो का इस्तेमाल करना होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्राइवेट बसें अब कहाँ रुकेंगी?
गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत से आने वाली प्राइवेट बसें अब शहर के अंदर नहीं बल्कि Dahisar और Mankhurd में बनने वाले नए ट्रांसपोर्ट हब पर रुकेंगी।
इन ट्रांसपोर्ट हब को बनाने में कितना खर्च आएगा?
Dahisar हब के लिए करीब 992 करोड़ रुपये और Mankhurd हब के लिए लगभग 240 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है।