Mumbai में खुले मैनहोल से होने वाले हादसों को रोकने के लिए BMC लगाएगी ‘Railguard’, L Ward से होगी शुरुआत
Maharashtra/Mumbai: मुंबई में खुले मैनहोल के कारण होने वाले जानलेवा हादसों को रोकने के लिए बीएमसी (BMC) अब एक नया सुरक्षा सिस्टम ‘रेलगार्ड’ (Railguard) शुरू करने जा रही है। यह कदम साकी नाका में एक 55 वर्षीय व
Maharashtra/Mumbai: मुंबई में खुले मैनहोल के कारण होने वाले जानलेवा हादसों को रोकने के लिए बीएमसी (BMC) अब एक नया सुरक्षा सिस्टम ‘रेलगार्ड’ (Railguard) शुरू करने जा रही है। यह कदम साकी नाका में एक 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद उठाया गया है, जो खुले मैनहोल में गिर गए थे। इस नए सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट मुंबई के L Ward में चलाया जाएगा, जिसमें साकी नाका और चंदीवली जैसे इलाके शामिल हैं।
बीएमसी मुख्यालय में सोमवार को इस प्रोटोटाइप का निरीक्षण किया गया। मेयर रितु तावड़े और एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने इसकी जांच की। यह रेलगार्ड एक चौकोर आकार का सुरक्षा घेरा होगा, जिसमें चारों तरफ मेटल बैरियर और एक सुरक्षा जाल लगा होगा। इसकी ऊंचाई लगभग 1 मीटर और लंबाई-चौड़ाई 1.5 मीटर होगी। जरूरत के हिसाब से इसके दो वेरिएंट बनाए गए हैं, जिनका वजन 80 किलो और 225 किलो है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इसमें कुछ सुधार करने के सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि रेलगार्ड का डिजाइन ऐसा होना चाहिए जिसे अलग-अलग साइज के मैनहोल के हिसाब से छोटा या बड़ा किया जा सके। साथ ही, रात के समय लोगों को दूर से ही चेतावनी मिल सके, इसके लिए इसमें रिफ्लेक्टर या चमकने वाली लाइट्स लगाने की सलाह दी गई है। बीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के दौरान सफाई कर्मचारियों, इंजीनियरों और आम जनता से फीडबैक लिया जाएगा, ताकि डिजाइन को और बेहतर बनाया जा सके।
इस हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 3 जुलाई 2026 से आठ दिनों के भीतर मुंबई के सभी मैनहोल की 100% सुरक्षा जांच के आदेश दिए थे। बीएमसी ने पहले सभी मैनहोल पर सुरक्षा ग्रिल लगाने की समय सीमा 31 मई तय की थी, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया। अब 2,200 से ज्यादा बचे हुए सीवर मैनहोल पर सुरक्षा ग्रिल लगाने के लिए 26 जुलाई की नई डेडलाइन तय की गई है। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर विपिन शर्मा ने बताया कि सुरक्षा जाल लगाना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है क्योंकि नए चैंबर बनते रहते हैं और पुराने जाल गायब हो जाते हैं।