Mumbai में चुनाव ड्यूटी से गायब रहने वाले BMC कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, FIR और जुर्माने की तैयारी
Maharashtra: मुंबई में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। BMC की एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर प्रजाक्ता वर्मा-लवांगारे ने
Maharashtra: मुंबई में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। BMC की एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर प्रजाक्ता वर्मा-लवांगारे ने साफ कर दिया है कि जो लोग स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) ड्यूटी पर नहीं पहुंचेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश 1 जुलाई 2026 को एक रिव्यू मीटिंग के दौरान दिया गया। दरअसल, 30 जून को जब इस प्रोग्राम का पहला दिन था, तब कई बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), जिनमें स्कूल टीचर और BMC कर्मचारी शामिल थे, ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है क्योंकि वोटर लिस्ट का सही होना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। अधिकारी ने कहा कि मानसून के समय BMC स्टाफ पर काम का बोझ रहता है, लेकिन चुनाव संबंधी काम भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ केवल विभागीय जांच ही नहीं, बल्कि पुलिस केस (FIR) दर्ज कराने, आर्थिक जुर्माना लगाने और अन्य कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 11 जून को भी ऐसी चेतावनी दी गई थी। पूर्व अधिकारी अश्विनी जोशी ने भी स्पष्ट किया था कि चुनाव ड्यूटी करना एक संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वोटर लिस्ट अपडेट करने की यह पूरी प्रक्रिया अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इसमें BLO घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे और डेटा ऑनलाइन अपलोड करेंगे। इस पूरे काम का शेड्यूल इस प्रकार है:
| महत्वपूर्ण तारीख | क्या होगा |
|---|---|
| 30 जून से 29 जुलाई 2026 | BLO द्वारा घर-घर जाकर वेरिफिकेशन |
| 5 अगस्त 2026 | ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी |
| 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 | सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी |
| 3 अक्टूबर 2026 | आपत्तियों का निपटारा होगा |
| 7 अक्टूबर 2026 | फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी |
| 1 अक्टूबर 2026 | रिविजन के लिए पात्रता की तारीख |
प्रजाक्ता वर्मा-लवांगारे ने BMC के असिस्टेंट कमिश्नर्स और जोनल डिप्टी कमिश्नर्स को निर्देश दिया है कि वे इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स के साथ तालमेल बिठाएं ताकि जिला स्तर पर यह काम बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके।