Maharashtra: मुंबई के मरोल इलाके में स्थित SevenHills Hospital को प्राइवेट कंपनी को सौंपने की तैयारी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। BMC की इम्प्रूवमेंट कमेटी ने बुधवार, 27 मई 2026 को इस प्रस्ताव को वापस प्रशासन के पास भेज दि
Maharashtra: मुंबई के मरोल इलाके में स्थित SevenHills Hospital को प्राइवेट कंपनी को सौंपने की तैयारी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। BMC की इम्प्रूवमेंट कमेटी ने बुधवार, 27 मई 2026 को इस प्रस्ताव को वापस प्रशासन के पास भेज दिया। कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के पार्षदों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
प्राइवेट कंपनी को सौंपने की क्या थी शर्तें?
BMC ने इस अस्पताल को चलाने के लिए Capri Global Holdings Private Limited को चुना था। प्रस्ताव के मुताबिक, कंपनी 30 साल के लीज एग्रीमेंट पर अस्पताल चलाती और BMC को सालाना 10.4 करोड़ रुपये किराया देती। इसके अलावा, कंपनी को पिछले बकाया लीज रेंट और प्रॉपर्टी टैक्स के तौर पर 223.48 करोड़ रुपये का भुगतान करना था। अस्पताल के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कंपनी ने अगले पांच साल में 400 करोड़ रुपये निवेश करने का वादा किया था।
विपक्ष ने किन बातों पर जताया विरोध?
कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के नेताओं ने इस डील की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करीब 3,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को बहुत कम कीमत पर प्राइवेट हाथों में दिया जा रहा है। पार्षद सचिन पडवल और मेहर हैदर ने कहा कि सरकारी जमीन को इस तरह प्राइवेट कंपनियों को नहीं देना चाहिए। साथ ही, यह सवाल भी उठाया गया कि जब चुनाव के लिए आचार संहिता लागू थी, तब NOC कैसे जारी कर दी गई।
आम जनता और मरीजों पर क्या होगा असर?
प्रस्ताव में कहा गया था कि अस्पताल के 1,500 बेड में से 20% बेड और OPD सेवाएं उन मरीजों के लिए होंगी जिन्हें सरकारी अस्पतालों से भेजा जाएगा। इन मरीजों से नगर निगम वाली दर पर ही शुल्क लिया जाना था। हालांकि, विपक्षी नेताओं का तर्क है कि BMC ने कोरोना काल में इस अस्पताल को खुद सफलतापूर्वक चलाया था, इसलिए इसे प्राइवेट कंपनी को देने के बजाय सीधे BMC द्वारा ही संचालित किया जाना चाहिए ताकि आम लोगों को सस्ता इलाज मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SevenHills Hospital को कौन सी कंपनी चलाने वाली थी?
BMC ने इस अस्पताल के संचालन के लिए Capri Global Holdings Private Limited को चुना था, जो 30 साल के लीज एग्रीमेंट पर इसे चलाने वाली थी।
विपक्ष ने इस प्रस्ताव का विरोध क्यों किया?
विपक्ष का मानना है कि संपत्ति का मूल्य कम आंका गया है और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को प्राइवेट हाथों में देना मुंबई के नागरिकों के हित में नहीं है।