Maharashtra: मुंबई में नगर निगम (BMC) द्वारा सरकारी स्कूलों के लिए आरक्षित जमीनों को प्राइवेट संस्थाओं को देने के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और अंधेरी वेस्ट के विधायक Ameet Satam ने इस PPP (पब्लि
Maharashtra: मुंबई में नगर निगम (BMC) द्वारा सरकारी स्कूलों के लिए आरक्षित जमीनों को प्राइवेट संस्थाओं को देने के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और अंधेरी वेस्ट के विधायक Ameet Satam ने इस PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पॉलिसी का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने मेयर Ritu Tawde और BMC कमिश्नर Ashwini Bhide को पत्र लिखकर पांच प्लॉट के आवंटन को तुरंत रद्द करने की मांग की है।
PPP पॉलिसी में क्या है विवाद और क्यों उठ रहे हैं सवाल?
बीजेपी नेता Ameet Satam का कहना है कि यह पॉलिसी बहुत जल्दबाजी में लागू की गई और इसमें पारदर्शिता की कमी है। आरोप है कि दिसंबर 2025 में जब BMC की जनरल बॉडी नहीं थी, तब प्रशासक के कार्यकाल में इसे बिना किसी चर्चा के पास कर लिया गया। बीजेपी पार्षद Rohan Rathod ने भी कहा कि इस मॉडल से BMC को बहुत कम कमाई होगी, जबकि जमीन 30 साल के लिए लीज पर दी जा रही है।
आम छात्रों और शिक्षा पर क्या पड़ेगा असर?
इस पॉलिसी के तहत प्राइवेट संस्थाएं नगर निगम की जमीन पर स्कूल चलाएंगी। इसमें सबसे बड़ी चिंता यह है कि केवल 25% सीटें ही RTE एक्ट के तहत मुफ्त शिक्षा के लिए आरक्षित होंगी। जबकि अभी के सरकारी स्कूलों में कक्षा 10 तक की पढ़ाई और किताबें पूरी तरह मुफ्त मिलती हैं। इसके अलावा, BMC को छात्रों से ली जाने वाली फीस में सिर्फ 3% हिस्सा मिलेगा, जिसे बहुत कम बताया जा रहा है।
अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
25 अप्रैल 2026 को बनी नई BMC शिक्षा समिति ने पांच स्कूल प्लॉटों के लिए इस PPP मॉडल पर रोक लगा दी थी। शिक्षा समिति की चेयरपर्सन Rajeshree Shirwadkar ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जब तक समिति के सभी सवालों के जवाब नहीं मिल जाते, तब तक इस पर कोई कार्रवाई न की जाए। फिलहाल इस पूरी नीति की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाने की मांग की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BMC की PPP पॉलिसी क्या है?
इस पॉलिसी के तहत नगर निगम की जमीन पर प्राइवेट संस्थाएं, NGO या ट्रस्ट स्कूल चलाएंगे। इसका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना है, लेकिन इसमें केवल 25% सीटें ही मुफ्त शिक्षा के लिए आरक्षित होंगी।
बीजेपी इस पॉलिसी का विरोध क्यों कर रही है?
बीजेपी का आरोप है कि यह पॉलिसी बिना चर्चा के जल्दबाजी में लाई गई। इसमें BMC को मिलने वाला राजस्व (फीस का केवल 3%) बहुत कम है और यह सरकारी हितों के खिलाफ है।