Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर सामान बेचने वाले अधिकृत फेरीवालों के लिए BMC ने एक नया डिजिटल सिस्टम शुरू किया है। अब फेरीवालों को QR कोड वाले लाइसेंस दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी पहचान करना आसान हो जाएगा। यह कदम बॉम्बे हा
Maharashtra: मुंबई की सड़कों पर सामान बेचने वाले अधिकृत फेरीवालों के लिए BMC ने एक नया डिजिटल सिस्टम शुरू किया है। अब फेरीवालों को QR कोड वाले लाइसेंस दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी पहचान करना आसान हो जाएगा। यह कदम बॉम्बे हाई कोर्ट के दबाव के बाद उठाया गया है ताकि शहर में अवैध रूप से दुकान लगाने वालों पर लगाम कसी जा सके।
QR कोड लाइसेंस से क्या होगा फायदा और कैसे काम करेगा यह सिस्टम
BMC ने 15 मई 2026 से यह प्रक्रिया शुरू की है। इस नए लाइसेंस में एक QR कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही अधिकारी या आम नागरिक फेरीवाले का नाम, उसकी दुकान की तय जगह और वह क्या सामान बेच सकता है, इसकी पूरी जानकारी देख पाएंगे। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि कौन सा वेंडर कानूनी रूप से दुकान लगा रहा है और कौन अवैध तरीके से।
हाई कोर्ट की समय सीमा और BMC के सामने क्या हैं चुनौतियां
बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC को 10 जून 2026 तक सभी पहचान पत्र जारी करने का समय दिया है। कोर्ट ने 2014 के सर्वे में शामिल 99,435 फेरीवालों को पहचान पत्र देने को कहा है। हालांकि, BMC के पास फिलहाल केवल 32,000 वेंडर्स का ही सत्यापित रिकॉर्ड है। बाकी लोगों का वेरिफिकेशन करना BMC के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अवैध फेरीवालों पर कार्रवाई और नए नियम
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि रेलवे स्टेशन, स्कूल और अस्पताल जैसी जगहों के पास फेरीवालों को अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, नागरिकों के लिए WhatsApp जैसा सिस्टम बनाया जाएगा ताकि वे संदिग्ध या अवैध फेरीवालों की शिकायत गुमनाम तरीके से कर सकें। फर्जी आईडी कार्ड बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
QR कोड लाइसेंस किसे मिलेगा और इसकी समय सीमा क्या है?
यह लाइसेंस उन फेरीवालों को मिलेगा जो अधिकृत हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC को 10 जून 2026 तक 2014 के सर्वे में शामिल 99,435 फेरीवालों के आईडी कार्ड जारी करने का आदेश दिया है।
क्या यह लाइसेंस फेरीवालों को मालिकाना हक देगा?
नहीं, बॉम्बे हाई कोर्ट ने साफ किया है कि ये आईडी कार्ड केवल पहचान के लिए हैं और इससे सर्वे में शामिल फेरीवालों को कोई कानूनी मालिकाना हक या इक्विटी नहीं मिलेगी।