Mumbai में गणेश उत्सव के लिए BMC का नया सिस्टम, अब ऑनलाइन मिलेगा पंडाल की अनुमति और NOC

Maharashtra: मुंबई में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने मंडलियों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू की है। अब गणेशोत्सव पंडालों की अनुमति और लोकल पुलिस व ट्रैफिक पुलिस से NOC लेने के लिए

Maharashtra: मुंबई में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने मंडलियों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू की है। अब गणेशोत्सव पंडालों की अनुमति और लोकल पुलिस व ट्रैफिक पुलिस से NOC लेने के लिए ऑनलाइन सिंगल-विंडो सिस्टम शुरू कर दिया गया है। इस डिजिटल प्रक्रिया से अब मंडलियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

इस साल गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा और 25 सितंबर तक चलेगा। BMC का यह ऑनलाइन पोर्टल 14 अगस्त से 13 सितंबर तक चालू रहेगा। जो लोग अनुमति लेंगे, उनकी परमिशन 26 सितंबर तक मान्य होगी। 14 सितंबर को गणेश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 01:31 बजे तक रहेगा।

पंडाल लगाने के लिए मंडलियों को BMC की वेबसाइट पर ‘For Citizens – Pandal’ सेक्शन में जाकर आवेदन करना होगा। वार्ड ऑफिस आवेदन की जांच करेगा और फिर पुलिस से NOC ली जाएगी। नए मंडल जिन्हें पहली बार अनुमति चाहिए, उन्हें जोनल डिप्टी कमिश्नर से मंजूरी लेनी होगी। आवेदन पास होने के बाद 100 रुपये की फीस देनी होगी। जिन मंडलियों के पास पहले से 5 साल की अनुमति है, वे ऑनलाइन रिन्यूअल करा सकते हैं, लेकिन उनके स्थान का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा।

BMC ने सुरक्षा और नियमों को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। हर सार्वजनिक मंडल के दो वॉलंटियर्स को भीड़ प्रबंधन, आग से बचाव और फर्स्ट एड की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य होगा। सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदकर पंडाल लगाने पर पूरी तरह रोक है और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। पंडालों को बिल्डिंग से कम से कम 10 फीट और रेलवे लाइन से 15 मीटर की दूरी पर लगाना होगा।

नियम और गाइडलाइन विवरण
आवेदन की अवधि 14 अगस्त से 13 सितंबर 2026
स्थापना मुहूर्त 14 सितंबर, सुबह 11:02 से दोपहर 01:31
अनिवार्य ट्रेनिंग भीड़ प्रबंधन और फायर सेफ्टी (2 वॉलंटियर्स)
विसर्जन नियम घर की मूर्तियों के लिए केवल कृत्रिम तालाब
प्रतिबंध थर्मोकोल, प्लास्टिक और केमिकल रंगों का उपयोग मना
विशेष छूट इको-फ्रेंडली मूर्तिकारों को मुफ्त मंडप अनुमति

विसर्जन को लेकर महाराष्ट्र संस्कृति मंत्रालय के निर्देशानुसार घर की मूर्तियों को केवल कृत्रिम तालाबों में ही विसर्जित करना होगा। BMC ने इसके लिए 167 कृत्रिम तालाब बनाए हैं। हालांकि, बड़े मंडल अपनी मूर्तियों का विसर्जन समुद्र में कर सकते हैं। विसर्जन के दौरान पानी में प्लास्टिक, कपड़े या फूलों के हार डालने की मनाही है, इन्हें निर्धारित ‘निर्मल्या कलश’ में ही डालना होगा।