Mumbai: भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे BMC के 112 अधिकारी अब भी नौकरी पर, RTI से हुआ बड़ा खुलासा

Maharashtra: मुंबई नगर निगम यानी BMC में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक RTI के जरिए पता चला है कि भ्रष्टाचार के मामलों में नाम आने के बाद भी 112 अधिकारी अब भी अपनी नौकरी कर र

Maharashtra: मुंबई नगर निगम यानी BMC में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक RTI के जरिए पता चला है कि भ्रष्टाचार के मामलों में नाम आने के बाद भी 112 अधिकारी अब भी अपनी नौकरी कर रहे हैं। यह मामला उन लोगों से जुड़ा है जिन पर Anti-Corruption Bureau (ACB) ने केस दर्ज किया था।

RTI की जानकारी के मुताबिक 30 अप्रैल 2026 तक BMC के कुल 207 अधिकारी ऐसे थे जिन पर ACB ने केस दर्ज किया था। इनमें से केवल 27 अधिकारियों को ही सस्पेंड किया गया, जबकि 112 लोग अब भी सेवा में बने हुए हैं। इसके अलावा 68 अधिकारी केस खत्म होने से पहले ही रिटायर हो गए। इसका मतलब है कि लगभग 87 प्रतिशत आरोपी अधिकारी या तो नौकरी पर हैं या कार्रवाई से पहले ही रिटायरमेंट ले चुके हैं।

इस मामले में सबसे ज्यादा लापरवाही इंजीनियरिंग विभाग में दिखी है। इसमें 33 सब-इंजीनियर, 13 असिस्टेंट इंजीनियर, 13 जूनियर इंजीनियर और कई एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शामिल हैं। भ्रष्टाचार की यह समस्या सिर्फ बड़े अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें 48 सेनेटरी लेबर, 24 मजदूर, 6 मुकदम और 6 चपरासी भी शामिल हैं। कुछ मामले तो साल 2005 से लटके हुए हैं, यानी 20 साल से ज्यादा समय बीत गया लेकिन जांच अब भी चल रही है।

पद/श्रेणी आरोपियों की संख्या
कुल आरोपी अधिकारी 207
अभी भी नौकरी पर 112
रिटायर हो चुके 68
सस्पेंड हुए 27
सब-इंजीनियर 33
असिस्टेंट इंजीनियर 13
जूनियर इंजीनियर 13

एक्टिविस्ट जीतेंद्र घाडगे, जिन्होंने यह जानकारी निकाली, उन्होंने इसे सिस्टम की बड़ी विफलता बताया है। उनका कहना है कि BMC का बड़ा प्रशासन अपने अधिकारियों को बचा रहा है, जिससे ACB की ताकत कम हो रही है। वहीं BMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सस्पेंड कर्मचारियों को जांच के दौरान कभी-कभी गैर-कार्यकारी काम दिए जाते हैं और दोषी पाए जाने पर उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाता है। कोविड-19 महामारी के दौरान स्टाफ की कमी को देखते हुए BMC ने 43 सस्पेंड कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखा था, लेकिन उनके नाम बताने से मना कर दिया है।