Mumbai में बिना OC वाली इमारतों के लिए BMC ला रही है एमनेस्टी स्कीम, लाखों घर मालिकों को मिलेगी राहत

Maharashtra: मुंबई में सालों से बिना ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (OC) के रह रहे लाखों घर मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। BMC एक बार फिर एमनेस्टी स्कीम का प्रस्ताव लाने जा रही है, जिससे उन इमारतों को OC मिल सकेगा जो नियमो

Maharashtra: मुंबई में सालों से बिना ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (OC) के रह रहे लाखों घर मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। BMC एक बार फिर एमनेस्टी स्कीम का प्रस्ताव लाने जा रही है, जिससे उन इमारतों को OC मिल सकेगा जो नियमों में थोड़ी कमी या बदलाव की वजह से अब तक इस सर्टिफिकेट से वंचित थीं। यह प्रस्ताव गुरुवार, 25 जून 2026 को सिविक स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में रखा जाएगा।

यह स्कीम मुख्य रूप से उन इमारतों के लिए है जो 17 नवंबर 2016 से पहले बनी थीं। अक्सर देखा गया है कि कई बिल्डिंग्स में मंजूर नक्शे से थोड़ा अलग निर्माण हो जाता है, जिसकी वजह से BMC उन्हें OC नहीं देती। अब इस नई योजना के तहत रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स, स्कूलों और अस्पतालों को इसमें शामिल किया जाएगा। हालांकि, इसमें एक शर्त है कि बिल्डिंग में 50% से ज्यादा हिस्सा आवासीय (residential) होना चाहिए।

इस योजना में आवेदन करने के लिए बिल्डिंग के पास वैध Commencement Certificate (CC) और Intimation of Development (IOD) होना जरूरी है। यह स्कीम किसी अवैध निर्माण को कानूनी बनाने के लिए नहीं है, बल्कि केवल उन इमारतों के लिए है जिनमें मामूली बदलाव हुए हैं।

मुख्य विवरण नियम और शर्तें
पात्रता तिथि 17 नवंबर 2016 से पहले बनी इमारतें
घर का आकार 80 वर्ग मीटर (करीब 860 sq ft) तक के यूनिट
फीस में छूट नियमितीकरण शुल्क और पेनल्टी पर 50% की छूट
विशेष छूट पहले 6 महीने में आवेदन पर 100% पेनल्टी माफ़
जरूरी दस्तावेज CC और IOD होना अनिवार्य

इस प्रस्ताव को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी, लेकिन 80 वर्ग मीटर की सीमा को लेकर कुछ आपत्ति जताई गई थी। पूर्व बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी ने मांग की है कि यह लाभ सभी के लिए होना चाहिए और इसमें एरिया की कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए। BMC ने इस संबंध में राज्य सरकार को अलग से प्रस्ताव भेजा है। जब तक सरकार का फैसला नहीं आता, तब तक BMC मौजूदा 80 वर्ग मीटर वाली सीमा के साथ ही आगे बढ़ने की योजना बना रही है। अगर यह स्कीम पास होती है, तो मुंबई की करीब 25,000 सोसायटियों और 12 लाख घर मालिकों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।