Maharashtra: मुंबई में इस साल मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए BMC ने खास तैयारी की है। प्रशासन अब नालों की सफाई की निगरानी के लिए Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल कर रहा है और शहर के निचले इलाको
Maharashtra: मुंबई में इस साल मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए BMC ने खास तैयारी की है। प्रशासन अब नालों की सफाई की निगरानी के लिए Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल कर रहा है और शहर के निचले इलाकों में पंपों की संख्या बढ़ा रहा है। इसका मकसद यह है कि बारिश के दौरान सड़कों पर पानी कम जमा हो और सफाई के काम में कोई गड़बड़ी न हो।
AI मॉडल से नालों की सफाई में कैसे रुकेगा भ्रष्टाचार?
BMC ने नालों की सफाई (desilting) पर नजर रखने के लिए अपना खुद का AI मॉडल तैयार किया है। अब ठेकेदारों को सफाई से पहले, काम के दौरान और काम पूरा होने के बाद जियो-टैग की गई फोटो और वीडियो अपलोड करने होंगे। अगर AI इन तस्वीरों को वेरिफाई नहीं करता है, तो ठेकेदार का पेमेंट रोक दिया जाएगा। पिछले साल इस सिस्टम की मदद से करीब 15 करोड़ रुपये बचाए गए थे।
पानी निकालने के लिए कितने पंप लगाए जाएंगे और कहां होंगे तैनात?
इस साल BMC कुल 547 डिवाटरिंग पंप तैनात करेगी, जो पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत ज्यादा हैं। इन पंपों पर करीब 144 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह बांटा गया है:
| इलाका |
पंपों की संख्या |
| वेस्टर्न सबर्ब्स (Western Suburbs) |
223 |
| ईस्टर्न सबर्ब्स (Eastern Suburbs) |
178 |
| आइलैंड सिटी (Island City) |
146 |
सड़कों और पेड़ों की छंटाई के लिए क्या है डेडलाइन?
म्युनिसिपल कमिश्नर Ashwini Bhide ने साफ किया है कि सड़कों के मरम्मत का काम 31 मई 2026 तक पूरा हो जाना चाहिए। 30 अप्रैल के बाद कोई भी नई सड़क नहीं खोदी जाएगी। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से शहर में 46,000 से ज्यादा पेड़ों की छंटाई का काम भी 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ड्रेन क्लीनिंग के लिए इस साल 1,800 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।