Mumbai में BMC पर लगा कोर्ट को गुमराह करने का आरोप, 80 प्रतिशत पेड़ों के चारों ओर अब भी जमा है कंक्रीट
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) मुश्किलों में घिर गया है। उस पर आरोप लगा है कि उसने बॉम्बे हाई कोर्ट को गलत जानकारी देकर गुमराह किया। BMC ने दावा किया था कि शहर के लगभग सभी पेड़ों के चारों ओर से कंक्रीट हटाने का काम पू
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) मुश्किलों में घिर गया है। उस पर आरोप लगा है कि उसने बॉम्बे हाई कोर्ट को गलत जानकारी देकर गुमराह किया। BMC ने दावा किया था कि शहर के लगभग सभी पेड़ों के चारों ओर से कंक्रीट हटाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन हाल ही में हुए एक सर्वे में कुछ और ही सच सामने आया है।
मंगलवार, 1 जुलाई 2026 को कोर्ट में सुनवाई के दौरान इंटरवेनर याचिकाकर्ता सागर उगले ने यह आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि एक हालिया सर्वे में पाया गया कि करीब 80 प्रतिशत पेड़ों के चारों ओर अब भी कंक्रीट, डामर या निर्माण का मलबा जमा है। सागर उगले ने कोर्ट से मांग की कि अगर काम पूरा होने का झूठा दावा किया गया है, तो जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब 1 जुलाई को ही चेंबूर में एक पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे की मौत हो गई। रिकॉर्ड बताते हैं कि जनवरी 2026 में ही BMC के गार्डन विभाग ने रोड विभाग को चेतावनी दी थी कि सड़क के काम के दौरान पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुँच रहा है।
कोर्ट के आदेश पर 25 जून को BMC और याचिकाकर्ता ने मिलकर 7 वार्डों की 35 सड़कों पर 832 पेड़ों का निरीक्षण किया था। इस सर्वे के आंकड़े काफी चौंकाने वाले रहे:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल सर्वे किए गए पेड़ | 832 |
| कंक्रीट से घिरे पेड़ों का प्रतिशत | लगभग 80% |
| अपर्याप्त खुली मिट्टी वाले पेड़ | 321 |
| वैज्ञानिक तरीके से कंक्रीट हटाने की जरूरत वाले पेड़ | 471 |
जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। जस्टिस गडकरी ने साफ कहा कि कोर्ट का मुख्य सरोकार इंसानी जान बचाना है, न कि सिर्फ बजट या कागजी रिपोर्ट देखना। उन्होंने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वे सर्वे का पूरा डेटा और सुझाव BMC को सौंपें ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
नियमों के मुताबिक, पेड़ों की जड़ों के पास कम से कम 1 मीटर का घेरा खुला होना चाहिए ताकि पानी और हवा जड़ों तक पहुँच सके। 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी पेड़ों के चारों ओर से कंक्रीट हटाने का आदेश दिया था। इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार की नवंबर 2025 की नई पॉलिसी के तहत अब बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए लगाए जाने वाले पौधे कम से कम 12 फीट ऊँचे होने चाहिए और उनका डेटा ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है।