Mumbai में BMC मेडिकल ऑफिसर की सस्पेंशन रद्द, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा- जल्दबाजी में लिया गया फैसला

Maharashtra/Mumbai: बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC के एक मेडिकल ऑफिसर के सस्पेंशन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने माना कि डॉक्टर को निलंबित करने में बहुत जल्दबाजी की गई थी। अब कोर्ट के आदेश के बाद डॉक्टर को वापस काम पर रखने और सस्

Maharashtra/Mumbai: बॉम्बे हाई कोर्ट ने BMC के एक मेडिकल ऑफिसर के सस्पेंशन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने माना कि डॉक्टर को निलंबित करने में बहुत जल्दबाजी की गई थी। अब कोर्ट के आदेश के बाद डॉक्टर को वापस काम पर रखने और सस्पेंशन पीरियड की पूरी सैलरी देने का निर्देश दिया गया है।

यह पूरा मामला जन्म प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में कुर्ला पुलिस ने 10 जनवरी को FIR दर्ज की थी। डॉक्टर शैलेंद्र गुर्जर पहले L वार्ड में तैनात थे, जिसके बाद उन्हें H-East वार्ड डिस्पेंसरी में ट्रांसफर किया गया था। BMC ने 7 मई को उन्हें सस्पेंड किया था, लेकिन यह आदेश 4 मई से लागू माना गया था।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान डॉक्टर के वकील उदय वरुंजीकर ने दलील दी कि पूर्व सांसद किरीट सोमैया द्वारा सस्पेंशन की घोषणा किए जाने के बाद BMC ने दबाव में और बिना सोचे-समझे यह कदम उठाया। एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड़ की बेंच ने इस दलील को सही माना।

कोर्ट ने पाया कि BMC ने सस्पेंशन का आदेश देते समय ‘बृहन्मुंबई नगर निगम सेवा नियम 2015’ में बताए गए जरूरी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। इसी आधार पर कोर्ट ने सस्पेंशन को गलत बताते हुए उसे पूरी तरह से रद्द कर दिया और डॉक्टर शैलेंद्र गुर्जर की बहाली का आदेश दिया।