Maharashtra: मुंबई में दुकानों और ऑफिसों के बाहर मराठी साइनबोर्ड लगाने को लेकर BMC ने सख्ती बढ़ा दी है। नवंबर 2023 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 1,423 संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने नियमों क
Maharashtra: मुंबई में दुकानों और ऑफिसों के बाहर मराठी साइनबोर्ड लगाने को लेकर BMC ने सख्ती बढ़ा दी है। नवंबर 2023 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 1,423 संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने नियमों का पालन न करने वाली 3,774 दुकानों को नोटिस भेजा है और अब तक कुल 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
मराठी साइनबोर्ड के नियम क्या हैं और जुर्माना कितना है?
महाराष्ट्र सरकार के निर्देशानुसार मुंबई की सभी दुकानों, होटल और कॉर्पोरेट ऑफिस को अपना नाम मराठी (देवनागरी लिपि) में लिखना जरूरी है। नियम यह है कि मराठी अक्षरों का साइज अन्य भाषाओं के अक्षरों के बराबर या उससे बड़ा होना चाहिए। अगर कोई संस्थान इसे नहीं मानता, तो BMC पहले नोटिस भेजती है। नोटिस के बाद भी काम न होने पर प्रति रजिस्टर्ड कर्मचारी 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसके बाद भी गलती दोहराने पर कोर्ट केस और बिजनेस बंद करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
किन जगहों पर होगी ज्यादा सख्ती और क्या है समय सीमा?
मुंबई के डिप्टी मेयर Sanjay Ghadi ने चेतावनी दी है कि अब फाइव स्टार होटल और सेलिब्रिटी की दुकानों को भी एक महीने के भीतर मराठी साइनबोर्ड लगाने होंगे। उन्होंने साफ कहा है कि नियमों को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ ‘शिवसेना स्टाइल’ में एक्शन लिया जाएगा। BMC ने इस काम के लिए 60 इंस्पेक्टर तैनात किए हैं, जिन्हें हर दिन करीब 50 दुकानों की जांच करनी है। वार्ड अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है कि अगर उनके इलाके में नियमों का पालन नहीं हुआ, तो उन पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्योरा
BMC के आंकड़ों के मुताबिक, कानूनी कार्रवाई का सामना करने वाले 1,423 संस्थानों में से 1,014 मालिक अब नियम मानने को तैयार हो गए हैं, जबकि 395 ने इस कार्रवाई को स्थानीय अदालतों में चुनौती दी है। डिप्टी मेयर के अनुसार, मुंबई में करीब 9 लाख दुकानें और संस्थान हैं, जिनमें से अभी भी लगभग 5,020 जगहें इस नियम का पालन नहीं कर रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मराठी साइनबोर्ड न लगाने पर कितना जुर्माना देना होगा?
BMC के नियमों के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद भी साइनबोर्ड न लगाने पर प्रति रजिस्टर्ड कर्मचारी 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।
साइनबोर्ड में मराठी भाषा के अक्षरों का साइज क्या होना चाहिए?
नियम के मुताबिक, मराठी भाषा के अक्षरों का आकार अन्य किसी भी भाषा के अक्षरों के बराबर या उससे बड़ा होना अनिवार्य है।