Maharashtra: मुंबई में अब सभी दुकानों, होटलों और ऑफिसों को अपने बोर्ड पर मराठी भाषा लिखना अनिवार्य होगा। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने इसके लिए एक महीने की समय सीमा तय की है। डिप्टी मेयर संजयघाडी ने साफ कहा
Maharashtra: मुंबई में अब सभी दुकानों, होटलों और ऑफिसों को अपने बोर्ड पर मराठी भाषा लिखना अनिवार्य होगा। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने इसके लिए एक महीने की समय सीमा तय की है। डिप्टी मेयर संजयघाडी ने साफ कहा है कि जो लोग इस नियम को नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ ‘शिवसेना स्टाइल’ में सख्त एक्शन लिया जाएगा।
मराठी साइनबोर्ड के लिए क्या हैं नियम और डेडलाइन?
BMC ने 13 मई 2026 को अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिया कि सभी कमर्शियल प्रतिष्ठानों को एक महीने के अंदर देवनागरी लिपि में मराठी बोर्ड लगाने होंगे। नियम के मुताबिक, बोर्ड पर मराठी भाषा का टेक्स्ट किसी भी अन्य भाषा की तुलना में बड़ा और ज्यादा साफ दिखना चाहिए। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और 2022 के महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर आधारित है। डिप्टी मेयर ने चेतावनी दी है कि फाइव स्टार होटल और सेलिब्रिटी की दुकानों पर भी यह नियम लागू होगा।
अब तक कितनी कार्रवाई हुई और कितने लोग दायरे में हैं?
मुंबई में लगभग 9 लाख दुकानें और ऑफिस हैं, जिनमें से करीब 5,020 प्रतिष्ठानों ने अभी तक मराठी बोर्ड नहीं लगाए हैं। प्रशासन ने अब तक 3,114 दुकानों पर जुर्माना लगाया है, जिससे कुल 1.91 करोड़ रुपये वसूले गए हैं। इसके अलावा 3,774 दुकानों को नोटिस जारी किया गया है। BMC की लॉ कमेटी चेयरपर्सन दीक्षा करकर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उल्लंघन करने वालों की लिस्ट तैयार करें और 15 दिनों में एक्शन रिपोर्ट जमा करें।
अधिकारियों और दुकानदारों के लिए क्या निर्देश हैं?
डिप्टी मेयर संजयघाडी ने कहा कि यह निर्देश पार्टी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में लिया गया है। उन्होंने BMC के उन अधिकारियों को भी चेतावनी दी है जो अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरत रहे हैं। अब एक महीने बाद शहर में बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और नियम न मानने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दुकानों के लिए मराठी बोर्ड लगाने की आखिरी तारीख क्या है?
BMC ने 13 मई 2026 को बैठक के बाद एक महीने की समय सीमा तय की है। इसके बाद शहर में सघन निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।
अगर कोई दुकानदार मराठी बोर्ड नहीं लगाता है तो क्या होगा?
नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा और डिप्टी मेयर ने ‘शिवसेना स्टाइल’ की सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।