Mumbai में खुले मैनहोल से मौत के बाद BMC का नया एक्शन, अब लगाए जाएंगे रेलगार्ड

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में खुले मैनहोल में गिरने से होने वाली मौतों के बाद अब BMC ने सुरक्षा के नए इंतजाम शुरू किए हैं। शहर में मैनहोल कवर के डिजाइन में बदलाव किया जा रहा है ताकि हादसों को रोका जा सके। हाल ही में एक व

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में खुले मैनहोल में गिरने से होने वाली मौतों के बाद अब BMC ने सुरक्षा के नए इंतजाम शुरू किए हैं। शहर में मैनहोल कवर के डिजाइन में बदलाव किया जा रहा है ताकि हादसों को रोका जा सके। हाल ही में एक व्यक्ति की मौत और मेयर के निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी के गिरने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

जुलाई 2026 में साकिनाका इलाके में असलम इसाक शेख नाम के एक व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे ने पूरे शहर के मैनहोल की 8 दिन के भीतर 100% जांच करने का आदेश दिया था। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले चार BMC अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है। मेयर रितु तावड़े ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया और अधिकारियों को चेतावनी दी कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई होगी।

मुंबई के मैनहोल कवर का इतिहास काफी पुराना है। समय के साथ इनमें कई बदलाव आए हैं। पहले औपनिवेशिक काल की लोहे की जालियां थीं, फिर कास्ट आयरन, फाइबर रिइन्फोर्स प्लास्टिक (FRP) और डक्टाइल आयरन कवर आए। अब चोरी, जंग और बारिश में ढक्कन खिसकने जैसी समस्याओं से निपटने के लिए ‘मैनहोल रेलगार्ड’ लगाए जा रहे हैं। हालांकि, 2023 में शुरू किया गया स्मार्ट सेंसर प्रोजेक्ट तकनीकी खराबी की वजह से सफल नहीं हो पाया, जिससे ढक्कन हटने पर अलर्ट नहीं मिल सका।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर BMC को कई बार फटकार लगाई है। साल 2018 में कोर्ट ने 800 से ज्यादा जरूरी मैनहोल पर प्रोटेक्टिव ग्रिल लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन जून 2023 तक केवल 10 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया था। माटुंगा के एक्टिविस्ट निखिल देसाई का कहना है कि सिर्फ कर्मचारी तैनात करने से काम नहीं चलेगा, मैनहोल के नीचे जाली लगाना जरूरी है ताकि अगर ढक्कन हट भी जाए तो इंसान नीचे न गिरे। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इस पूरी स्थिति को प्रशासनिक विफलता बताते हुए मेयर और कमिश्नर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।