Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर खींचतान सामने आई है। मानसून से पहले शहर में नालों की सफाई और निरीक्षण के दौरान शिव सेना के नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें इस जरूरी काम से बाहर रखा गय
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर खींचतान सामने आई है। मानसून से पहले शहर में नालों की सफाई और निरीक्षण के दौरान शिव सेना के नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें इस जरूरी काम से बाहर रखा गया। यह विवाद तब बढ़ा जब बीजेपी और शिव सेना के बीच तालमेल की कमी दिखी।
क्या है पूरा विवाद और किन नेताओं ने उठाए सवाल?
शिव सेना के नेता और डिप्टी मेयर Sanjay Ghadi ने बीजेपी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मेयर Ritu Tawde ने 6 और 7 मई को शहर के कई इलाकों में निरीक्षण किया, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। घडी के मुताबिक, उन्हें इस प्रक्रिया में किनारे कर दिया गया। इसके बाद डिप्टी मेयर ने खुद कुर्ला इलाके का अलग से दौरा किया और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाने के निर्देश दिए।
मेयर का क्या कहना है और सफाई का काम कितना पूरा हुआ?
इन आरोपों पर मेयर Ritu Tawde ने किसी भी तरह की अनबन से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि समय कम है और 31 मई तक नालों की सफाई (desilting) का काम पूरा करना है, इसलिए शहर को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निरीक्षण किया जा रहा है ताकि काम तेजी से हो। मेयर ने अधिकारियों को पारदर्शिता के लिए AI टूल्स, रोबोटिक सिस्टम और CCTV का इस्तेमाल करने को कहा है।
BMC की मानसून तैयारी का ताजा अपडेट
BMC के अधिकारियों ने बताया कि अब तक सफाई का 51% लक्ष्य पूरा हो चुका है। प्रशासन की योजना है कि मानसून आने से पहले 80% काम खत्म कर लिया जाए, 10% मानसून के दौरान और बाकी 10% काम सीजन के बाद पूरा किया जाएगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर Dr. Vipin Sharma और Abhijit Bangar ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी इंजीनियर मौके पर मौजूद रहें और डिजिटल सिस्टम में रोजाना अपडेट दर्ज करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में नालों की सफाई का काम कब तक पूरा होना है?
BMC ने नालों की सफाई (desilting) का काम पूरा करने के लिए 31 मई 2026 की समय सीमा तय की है।
सफाई के काम की वर्तमान स्थिति क्या है?
BMC की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 51% सफाई का काम पूरा हो चुका है और मानसून से पहले इसे 80% तक ले जाने का लक्ष्य है।