Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में महायुति सरकार को 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस मौके पर मुंबई BJP अध्यक्ष और Andheri (West) के MLA Ameet Satam ने सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने भ्रष्ट
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में महायुति सरकार को 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस मौके पर मुंबई BJP अध्यक्ष और Andheri (West) के MLA Ameet Satam ने सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने भ्रष्टाचार और ठेकेदारों के बीच होने वाली साठगांठ यानी ‘कार्टेलाइजेशन’ को खत्म करने के लिए 1,100 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द कर दिए हैं।
कौन से बड़े टेंडर किए गए रद्द
Ameet Satam ने बताया कि पिछले सिस्टम में ठेकेदार अपनी मर्जी से प्रोजेक्ट डिजाइन करते थे और टेंडर बनवाते थे। इसे रोकने के लिए चार बड़े प्रोजेक्ट्स के टेंडर कैंसिल किए गए। इसमें Ranibaug (Byculla Zoo) के विस्तार के लिए 490 करोड़, फुटपाथ रेलिंग के लिए 385 करोड़, सड़कों पर पेंटिंग के लिए 150 करोड़ और स्कूलों के लिए स्टेशनरी खरीदने के लिए 150 करोड़ के टेंडर शामिल हैं। फुटपाथ रेलिंग का टेंडर तो घोटाले की आशंका के चलते जारी होने के 24 घंटे के भीतर ही रद्द कर दिया गया था।
आम जनता पर क्या होगा असर
महायुति सरकार का कहना है कि अब BMC का सिस्टम ‘कॉन्ट्रैक्टर सेंट्रिक’ के बजाय ‘सिटीजन सेंट्रिक’ होगा। इसका मतलब है कि अब फैसले ठेकेदारों के फायदे के लिए नहीं बल्कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए लिए जाएंगे। इसके अलावा, Gargai Pinjal डैम प्रोजेक्ट के खर्च को दोबारा चेक किया गया, जिससे BMC के करीब 270 करोड़ रुपये बचे। मेयर Ritu Tawde और म्युनिसिपल कमिश्नर Bhushan Gagrani ने भी टेंडर की गड़बड़ियों को दूर करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
पारदर्शिता के लिए क्या बदलाव हुए
Ameet Satam ने कहा कि पहले स्टैंडिंग कमेटी के जरिए प्रस्ताव पास कराने का एक तय तरीका था जिसमें कुछ खास लोगों का ही दबदबा रहता था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। सड़कों की पेंटिंग के टेंडर में मुंबई के तीनों क्षेत्रों के लिए बिना किसी आधार के 50-50 करोड़ रुपये दिए गए थे, जिसे गलत बताते हुए रद्द किया गया। अब प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सरकारी पैसा सही जगह और सही कीमत पर खर्च हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महायुति सरकार ने BMC में कितने रुपये के टेंडर रद्द किए हैं?
महायुति सरकार ने अपने शुरुआती 100 दिनों के भीतर कुल 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा के चार बड़े टेंडर रद्द किए हैं, ताकि भ्रष्टाचार और ठेकेदारों की साठगांठ को रोका जा सके।
किन प्रमुख प्रोजेक्ट्स के टेंडर कैंसिल किए गए?
मुख्य रूप से रानीबाग विस्तार (490 करोड़), फुटपाथ रेलिंग (385 करोड़), रोड पेंटिंग (150 करोड़) और स्कूलों की स्टेशनरी (150 करोड़) के टेंडर रद्द किए गए हैं।