Mumbai में लैंडस्लाइड के बाद BMC का बड़ा एक्शन, खतरे वाले इलाकों से हटाए जाएंगे अवैध निर्माण
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के कुर्ला इलाके में हुए दर्दनाक लैंडस्लाइड के बाद अब प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है। BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे ने साफ किया है कि मानसून खत्म होते ही उन पहाड़ियों पर चलेगा बुलडोजर, जिन्हें Geolo
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के कुर्ला इलाके में हुए दर्दनाक लैंडस्लाइड के बाद अब प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है। BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे ने साफ किया है कि मानसून खत्म होते ही उन पहाड़ियों पर चलेगा बुलडोजर, जिन्हें Geological Survey of India (GSI) ने खतरनाक बताया है। इस हादसे में 8 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद अब शहर के अन्य जोखिम वाले इलाकों में अतिक्रमण हटाने की तैयारी है।
BMC कमिश्नर ने बताया कि GSI की रिपोर्ट में जिन पहाड़ियों को लैंडस्लाइड प्रोन यानी भूस्खलन की आशंका वाला बताया गया है, वहां से अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर किसी को वैकल्पिक आवास देना संभव नहीं होगा। केवल वही लोग जिन्हें सरकारी आवास योजनाओं का लाभ मिल सकता है या जिनके पास वैध दस्तावेज हैं, उन्हें ही शिफ्ट किया जाएगा। जो लोग नोटिस मिलने के बाद भी जगह खाली नहीं करेंगे, उन्हें जबरन हटाया जा सकता है।
इस पूरी कार्रवाई के लिए BMC और मुंबई कलेक्टर ऑफिस मिलकर काम करेंगे। कलेक्टर ऑफिस की तरफ से नोटिस जारी किए जाएंगे और BMC उन्हें हटाने के लिए मैनपावर मुहैया कराएगी। गौरतलब है कि 12 अगस्त 2026 को कुर्ला के साकिनाका इलाके की गौशिया चाल में लैंडस्लाइड हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों ने वहां बचाव कार्य चलाया था।
जांच में यह बात सामने आई कि GSI ने 2018 की अपनी रिपोर्ट में कुर्ला की हिल नंबर 3 को हाई रिस्क जोन बताया था, लेकिन समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। अब BMC शहर के 249 ऐसे ही संवेदनशील स्थानों का नया सर्वे कराने के लिए GSI से संपर्क करेगी, क्योंकि पिछला विस्तृत सर्वे 2017 में हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि अंधाधुंध निर्माण, पेड़ों की कटाई और मिट्टी के कटाव की वजह से मुंबई में ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं।
वहीं, महाराष्ट्र सरकार के राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटिल ने कहा है कि लैंडस्लाइड प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए जल्द ही एक नई राज्यव्यापी नीति तैयार की जाएगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के पुराने आदेश के मुताबिक, बिजली बिल या टैक्स की रसीद होने से कोई भी अवैध निर्माण कानूनी नहीं हो जाता है।