Mumbai में अवैध फेरीवालों की शिकायत के लिए BMC का WhatsApp सिस्टम फेल, हाई कोर्ट ने कहा- समय ही पैसा है
Maharashtra: मुंबई में अवैध फेरीवालों पर लगाम लगाने के लिए BMC ने WhatsApp चैटबॉट शुरू किया था, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसकी धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि मुंबई जैसे शहर में समय बहुत कीमती है और शिकाय
Maharashtra: मुंबई में अवैध फेरीवालों पर लगाम लगाने के लिए BMC ने WhatsApp चैटबॉट शुरू किया था, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसकी धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि मुंबई जैसे शहर में समय बहुत कीमती है और शिकायत दर्ज करने में 40 मिनट का समय लगना बिल्कुल गलत है। यह मामला तब सामने आया जब एक याचिकाकर्ता ने बताया कि शिकायत करने पर सिर्फ ऑटोमेटेड जवाब मिल रहे हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता ने BMC की इस व्यवस्था को नाकाफी बताया। कोर्ट ने साफ किया कि अगर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया इतनी धीमी होगी, तो इसका कोई फायदा नहीं होगा। अगली सुनवाई 14 जुलाई को तय की गई है।
दूसरी तरफ, BMC ने कोर्ट को बताया कि शहर के करीब 99,000 सर्वे किए गए फेरीवालों में से 47,723 को QR कोड वाले पहचान पत्र (ID cards) जारी कर दिए गए हैं। ये कार्ड इसलिए दिए जा रहे हैं ताकि असली और अवैध फेरीवालों के बीच फर्क किया जा सके। इन कार्ड्स में फेरीवाले का नाम, उसकी तय जगह और बेचे जाने वाले सामान की जानकारी होगी।
BMC ने नागरिकों के लिए एक WhatsApp नंबर 8999-22-8999 जारी किया है, जिस पर लोग अवैध फेरीवालों की लाइव फोटो और लोकेशन भेजकर शिकायत कर सकते हैं। इससे पहले कोर्ट ने 2014 के सर्वे के आधार पर सभी रजिस्टर्ड फेरीवालों को पहचान पत्र देने और अवैध प्रवासियों की जांच करने के आदेश दिए थे।
शहर में फेरीवालों की स्थिति काफी जटिल है क्योंकि 1978 के बाद से कोई नया लाइसेंस जारी नहीं हुआ है। अनुमान है कि शहर के कुल फेरीवालों में से 10 प्रतिशत से भी कम के पास वैध लाइसेंस है। प्रशासन अब ‘नो हॉकर्स जोन’ में सख्ती बरतने की तैयारी में है, जहां नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है।