Mumbai में लैंडस्लाइड का खतरा, BMC कराएगी 249 संवेदनशील जगहों का नया सर्वे

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में भारी बारिश के दौरान पहाड़ों से मिट्टी खिसकने यानी लैंडस्लाइड की समस्या गंभीर होती जा रही है। इसके बाद अब BMC शहर की 249 ऐसी जगहों का नया और विस्तृत सर्वे कराने जा रही है जहाँ भूस्खलन का खतरा

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में भारी बारिश के दौरान पहाड़ों से मिट्टी खिसकने यानी लैंडस्लाइड की समस्या गंभीर होती जा रही है। इसके बाद अब BMC शहर की 249 ऐसी जगहों का नया और विस्तृत सर्वे कराने जा रही है जहाँ भूस्खलन का खतरा ज्यादा है। इस काम के लिए BMC जल्द ही Geological Survey of India (GSI) से संपर्क करेगी।

हाल ही में 12 अगस्त को कुर्ला और घाटकोपर इलाके में एक बड़ा लैंडस्लाइड हुआ था जिसमें सात लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बता दें कि आखिरी बार ऐसा व्यापक सर्वे साल 2017 में हुआ था, जिसके बाद अब करीब एक दशक बाद फिर से जमीनी जांच की जाएगी। GSI ने 2018 की अपनी एक रिपोर्ट में कुर्ला की पहाड़ी के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन वहां हादसा हो गया।

BMC ने इस नए सर्वे के लिए एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस जांच का मुख्य मकसद यह देखना है कि 2017 के बाद से वहां की मिट्टी और चट्टानों की स्थिति में क्या बदलाव आए हैं और क्या वे अब और ज्यादा कमजोर हो गई हैं। GSI इन जगहों को उनकी रिस्क के हिसाब से तीन श्रेणियों में बांटेगा: बहुत ज्यादा खतरा, कम खतरा और वे जगहें जहाँ अब कोई खतरा नहीं है।

म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने बताया कि 96 जगहों पर सुरक्षा के लिए रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) बनाई जा रही हैं। उन्होंने MHADA और असिस्टेंट कमिश्नर को पुरानी दीवारों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मेयर रितु तावड़े ने कुर्ला हादसे वाली जगह का दौरा कर बचाव कार्यों को तेज करने को कहा है।

प्रशासन ने बताया कि कुर्ला के खाड़ी नंबर 3 में रहने वाले लोगों को करीब 160 नोटिस दिए गए थे, जिसमें उन्हें खतरे के बारे में आगाह किया गया था। उधर, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने इस हादसे के लिए BMC की प्री-मानसून तैयारी में लापरवाही का आरोप लगाया है। GSI के अधिकारियों का कहना है कि लैंडस्लाइड अचानक नहीं होते, बल्कि जमीन के इस्तेमाल और ड्रेनेज सिस्टम खराब होने से बढ़ते हैं।