Mumbai में जलजमाव से मिलेगी राहत, BMC बनाएगा 13,000 करोड़ का प्लान, लगेंगे 33 नए फ्लड गेट
Maharashtra: मुंबई में हर साल होने वाली भारी बारिश और सड़कों पर जमा होने वाले पानी की समस्या को खत्म करने के लिए BMC ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे ताकि शहर
Maharashtra: मुंबई में हर साल होने वाली भारी बारिश और सड़कों पर जमा होने वाले पानी की समस्या को खत्म करने के लिए BMC ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे ताकि शहर को जलजमाव से स्थायी छुटकारा मिल सके। इस योजना का मुख्य मकसद शहर के उन 300 से 370 इलाकों को ठीक करना है जहां सबसे ज्यादा बाढ़ जैसे हालात बनते हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से आर्थिक मदद के लिए प्रस्ताव भेजा गया है और वहां से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल गई है। इस प्रोजेक्ट का काम अक्टूबर 2026 से शुरू होगा और इसे अक्टूबर 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआती चरण में माहुल और मोगरा में पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर के मुताबिक, इस प्लान का लक्ष्य यह है कि हाई टाइड के दौरान भी जमा हुआ बारिश का पानी 30 मिनट के भीतर निकल जाए। इसके लिए IIT Bombay की मदद से एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
| मुख्य बदलाव | विवरण |
|---|---|
| नए फ्लड गेट | 33 नए फ्लड गेट और पंपिंग सिस्टम लगाए जाएंगे |
| स्मार्ट सेंसर | नदियों और नालों में पानी के लेवल की निगरानी के लिए सेंसर नेटवर्क लगेगा |
| ड्रेनेज क्षमता | नालों को 55 mm प्रति घंटा से ज्यादा बारिश झेलने लायक बनाया जाएगा |
| मीठी नदी | अगले चरण में 18 फ्लड गेट लगाए जाएंगे |
| नेचर बेस्ड समाधान | स्पंज पार्क, बायो-रिटेंशन पार्क और पारगम्य फुटपाथ बनाए जाएंगे |
| फंडिंग | 40% केंद्र सरकार, 30% महाराष्ट्र सरकार और 30% BMC देगा |
इस योजना में सिर्फ इंजीनियरिंग ही नहीं बल्कि पर्यावरण का भी ध्यान रखा गया है। जमीन के अंदर पानी सोखने वाले टैंक और विशेष पार्क बनाए जाएंगे ताकि सतह पर पानी कम जमा हो और जमीन के अंदर पानी का स्तर बढ़े।