Mumbai में पैदल चलने वालों के लिए बनेगा देश का पहला मास्टर प्लान, BMC ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए पैदल चलना अब और आसान और सुरक्षित होने वाला है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) शहर में पैदल चलने वालों के लिए भारत का पहला ऐसा मास्टर प्लान बना रही है, जिससे पूरे शहर का पैदल न
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए पैदल चलना अब और आसान और सुरक्षित होने वाला है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) शहर में पैदल चलने वालों के लिए भारत का पहला ऐसा मास्टर प्लान बना रही है, जिससे पूरे शहर का पैदल नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़ा होगा। यह योजना टुकड़ों में फुटपाथ बनाने के बजाय एक वैज्ञानिक तरीके से तैयार की जाएगी ताकि आम लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो।
BMC ने यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे के जरिए दी है। यह कदम पैदल चलने वालों की सुरक्षा और फुटपाथ पॉलिसी को लागू करने के लिए दायर एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 19 जून 2026 को यह साफ कर दिया था कि सही तरीके से बने फुटपाथ पर चलना एक मौलिक अधिकार है और पैदल चलने वालों को मोटर वाहनों से ज्यादा प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
इस पूरे प्रोजेक्ट को आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है। BMC इसके लिए 3D सिटी मॉडल, GIS मैपिंग, सैटेलाइट इमेज और ड्रोन मैपिंग का इस्तेमाल करेगी। इससे यह पता चलेगा कि शहर के किन हिस्सों में फुटपाथ गायब हैं, कहां रास्ते टूटे हुए हैं और कहां पैदल चलने वालों के लिए कनेक्टिविटी की कमी है। इस डेटा को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा, जिससे अतिक्रमण जैसी समस्याओं को पहचानना और उन्हें दूर करना आसान होगा।
इस योजना को लागू करने के लिए BMC के Chief Engineer (Roads & Traffic) विभाग के तहत एक खास सिस्टम बनाया जाएगा। यह विभाग डेटा इकट्ठा करने से लेकर प्लानिंग और निगरानी तक का सारा काम देखेगा। साथ ही, पैदल चलने के रास्तों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा। जहां तक स्ट्रीट वेंडर्स का सवाल है, उनका पुनर्वास और नियमन 2014 के स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट और महाराष्ट्र के 2016 के नियमों के हिसाब से ही किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 3 सितंबर 2026 को होगी।