Maharashtra: मुंबई में अवैध प्रवासियों को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बांटने के मामले में BMC ने बड़ी कार्रवाई की है। एक आंतरिक जांच में शहर के अलग-अलग वार्डों में नियमों की अनदेखी कर सर्टिफिकेट जारी करने का मामला सामने आया है
Maharashtra: मुंबई में अवैध प्रवासियों को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बांटने के मामले में BMC ने बड़ी कार्रवाई की है। एक आंतरिक जांच में शहर के अलग-अलग वार्डों में नियमों की अनदेखी कर सर्टिफिकेट जारी करने का मामला सामने आया है। इस गड़बड़ी के बाद अब तक तीन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है और कई अन्य पर गाज गिर सकती है।
फर्जी सर्टिफिकेट का मामला क्या है और अब तक क्या एक्शन हुआ?
मुंबई मेयर Ritu Tawde ने बताया कि करीब 237 संदिग्ध बर्थ सर्टिफिकेट की जांच की गई थी। इनमें से 119 फर्जी सर्टिफिकेट ऑनलाइन पोर्टल से हटा दिए गए हैं और उन्हें वापस ले लिया गया है। वहीं, जिन 116 लोगों ने सर्टिफिकेट लौटाने से मना किया या जिनका पता नहीं चला, उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी है। यह पूरा मामला मुख्य रूप से M East (गोवंडी-मानखुर्द), E (भायखला) और L (कुर्ला) वार्डों से जुड़ा है।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज और क्या थी लापरवाही?
जांच में पाया गया कि कुछ अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश के बिना एक साल से ज्यादा पुराने बच्चों के सर्टिफिकेट जारी कर दिए, जो कि नियमों के खिलाफ था। इस मामले में M-East वार्ड के पूर्व MOH Dr. Sanjay Funde और Dr. Pradeep Kashale को सस्पेंड किया गया। साथ ही दो क्लर्कों पर भी कार्रवाई हुई है। पूर्व MOH Sheshnath Yadav का नाम भी जांच में सामने आया है, जिसके बाद उन्हें ट्रांसफर कर दिया गया।
भविष्य में गड़बड़ी रोकने के लिए BMC क्या कदम उठा रही है?
अब BMC बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में ‘रियल-टाइम ऑडिट’ लागू करने पर विचार कर रही है। BJP कॉर्पोरेटर Neil Somaiya ने इसका प्रस्ताव दिया है ताकि हर रजिस्ट्रेशन की तुरंत जांच हो सके। साथ ही, वार्ड स्तर के मेडिकल ऑफिसर्स के लिए एक नया Standard Operating Procedure (SOP) तैयार किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि माता-पिता के दस्तावेजों की सही जांच के बाद ही सर्टिफिकेट मिले, ताकि अवैध प्रवासियों को इस सुविधा का गलत फायदा न मिले।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट पकड़े गए हैं?
कुल 237 संदिग्ध मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 119 सर्टिफिकेट ऑनलाइन पोर्टल से हटा दिए गए हैं और 116 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
यह घोटाला किन इलाकों में ज्यादा पाया गया?
यह अनियमितताएं मुख्य रूप से मुंबई के M East (मानखुर्द-गोवंडी), E (भायखला) और L (कुर्ला) वार्डों में देखी गई हैं।