Mumbai: BMC में इंजीनियरों ने ठुकराया प्रमोशन, भ्रष्टाचार की आशंका के बीच जांच की मांग

Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां कई इंजीनियरों ने अपनी तरक्की यानी प्रमोशन लेने से मना कर दिया है। आमतौर पर सरकारी नौकरी में लोग प्रमोशन का इंतजार करते हैं, लेकिन यहां अधिक

Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां कई इंजीनियरों ने अपनी तरक्की यानी प्रमोशन लेने से मना कर दिया है। आमतौर पर सरकारी नौकरी में लोग प्रमोशन का इंतजार करते हैं, लेकिन यहां अधिकारियों ने खुद ही इसे ठुकरा दिया। इस अजीब घटना के बाद अब पूरे मामले की जांच करने की मांग उठ रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, कम से कम दो Executive Engineers ने Deputy Chief Engineer के पद पर और आठ Assistant Engineers ने Executive Engineer के पद पर प्रमोशन लेने से इनकार कर दिया। इसके अलावा एक अन्य Executive Engineer ने प्रमोशन की प्रक्रिया के लिए अपने दस्तावेज तक जमा नहीं किए। कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या और भी ज्यादा बताई जा रही है, जिसमें कुल 19 इंजीनियरों (17 असिस्टेंट और 2 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) के प्रमोशन ठुकराने की बात कही गई है।

कांग्रेस ग्रुप लीडर Ashraf Azmi ने इस मामले को गुरुवार को स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में उठाया। उन्होंने शुक्रवार को BMC कमिश्नर Ashwini Bhide को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। Azmi का कहना है कि यह बहुत असामान्य बात है कि योग्य अधिकारी लंबे इंतजार के बाद भी प्रमोशन नहीं लेना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी अपने मौजूदा विभागों या पोस्टिंग को नहीं छोड़ना चाहते, जिससे किसी बड़े फायदे या निहित स्वार्थ की ओर इशारा होता है।

एक्टिविस्ट Anil Galgali ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रमोशन में बेहतर वेतन और रिटायरमेंट के फायदे मिलते हैं, फिर भी इसे ठुकराना भ्रष्टाचार जैसे कारणों की ओर इशारा करता है। बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों ने प्रमोशन नहीं लिया, उनमें से ज्यादातर Slum Rehabilitation Authority (SRA), Development Plan, Building Proposal और Vigilance जैसे विभागों में तैनात हैं। ये ऐसे विभाग हैं जहां बिल्डरों और ठेकेदारों के साथ सीधा तालमेल रहता है।

Ashraf Azmi ने BMC से मांग की है कि प्रमोशन ठुकराने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई और सख्त पॉलिसी बनाई जाए। इस पॉलिसी में ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रशासनिक समीक्षा के नियम होने चाहिए, ताकि कोई भी अधिकारी किसी संवेदनशील या प्रभावशाली पोस्ट पर बिना किसी रिव्यू के लंबे समय तक न टिका रहे।