Maharashtra: मुंबई के तटों और समुद्र के किनारों को साफ रखने के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने एक नई तकनीक अपनाई है। शहर के मशहूर Gateway of India और Badhwar Park के पास दो बिना चालक वाली इलेक्ट्रिक नावें
Maharashtra: मुंबई के तटों और समुद्र के किनारों को साफ रखने के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने एक नई तकनीक अपनाई है। शहर के मशहूर Gateway of India और Badhwar Park के पास दो बिना चालक वाली इलेक्ट्रिक नावें (unmanned electric boats) तैनात की गई हैं। ये नावें समुद्र की सतह पर तैरने वाले कचरे को इकट्ठा करेंगी जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को साफ माहौल मिल सकेगा।
इन रोबोटिक नावों की खासियत क्या है?
ये नावें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हैं और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुँचाती हैं। इनमें कचरा इकट्ठा करने के लिए एक कन्वेयर बेल्ट सिस्टम लगा है, जिससे ये रोजाना करीब 80 से 90 किलो तैरता हुआ कचरा निकाल लेती हैं। इन नावों को AI-पावर्ड डैशबोर्ड और लाइव कैमरा स्ट्रीमिंग के जरिए रिमोट से कंट्रोल किया जाता है। साथ ही, इनमें GPS और Vehicle Traffic Management System (VTMS) लगा है ताकि इनकी लोकेशन और रेंज पर नजर रखी जा सके।
यह प्रोजेक्ट कैसे काम करेगा और कौन देख रहा है?
इस पूरी पहल का मार्गदर्शन Municipal Commissioner Ashwini Bhide, Additional Municipal Commissioner Dr. Ashwini Joshi और Deputy Commissioner Kiran Dighavkar कर रहे हैं। प्रोजेक्ट की देखरेख Deputy Commissioner Chanda Jadhav और Assistant Commissioner Gajanan Bellale कर रहे हैं। Deputy Commissioner किरण दिघावकर ने बताया कि ये नावें समुद्र के लिए एकदम सही और इको-फ्रेंडली हैं। इससे पहले मुंबई मैरीटाइम बोर्ड और BMC के बीच कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर काफी चर्चा हुई थी, जिसके बाद अब यह कदम उठाया गया है।
आम लोगों और पर्यटन पर क्या असर होगा?
प्रशासन का मानना है कि समुद्र तट से प्लास्टिक, मलबे और काई (algae) को हटाने से वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी। साफ-सुथरा किनारा होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी सैलानियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का अनुभव भी बेहतर होगा। यह सिस्टम सोलर चार्जिंग और सेल्फ-डॉकिंग तकनीक से लैस है, जिससे इसे चलाने में आसानी होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ये रोबोटिक नावें मुंबई में कहाँ तैनात की गई हैं?
BMC ने इन इलेक्ट्रिक नावों को Gateway of India और Badhwar Park (अपोलो बंडर) के पास तैनात किया है ताकि वहां तैरने वाले कचरे को साफ किया जा सके।
ये नावें एक दिन में कितना कचरा साफ कर सकती हैं?
ये इको-फ्रेंडली नावें रोजाना लगभग 80 से 90 किलोग्राम तैरने वाला कचरा इकट्ठा करने की क्षमता रखती हैं।