Maharashtra: मुंबई के अमर नगर और खिंडीपाड़ा इलाके में रविवार, 31 मई 2026 को BMC ने बड़ी कार्रवाई की। Goregaon–Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट के काम को आगे बढ़ाने के लिए करीब 150 अवैध रिहायशी और कमर्शियल ढांचों को जमीं
Maharashtra: मुंबई के अमर नगर और खिंडीपाड़ा इलाके में रविवार, 31 मई 2026 को BMC ने बड़ी कार्रवाई की। Goregaon–Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट के काम को आगे बढ़ाने के लिए करीब 150 अवैध रिहायशी और कमर्शियल ढांचों को जमींदोज कर दिया गया। इस अभियान को T वार्ड ऑफिस की अतिक्रमण हटाओ टीम ने अंजाम दिया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कैसे हुई
इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (ज़ोन 6) और T वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर ने की। मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए Mulund पुलिस स्टेशन के सीनियर ऑफिसर और भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस कार्रवाई में 10 इंजीनियर, 100 नगर निगम कर्मचारी, 2 पोकलेन मशीनें, 4 JCB और 10 डंपर लगाए गए थे।
GMLR प्रोजेक्ट क्या है और इसका क्या फायदा होगा
Goregaon–Mulund Link Road कुल 12.20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है। इसका मकसद मुंबई में पूर्व से पश्चिम की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना है। यह प्रोजेक्ट चार फेज में बन रहा है, जिसमें सड़कों के साथ-साथ अंडरग्राउंड टनल और फ्लाईओवर्स शामिल हैं। इसमें सबसे खास संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे बनने वाली 6.65 किलोमीटर लंबी TBM ट्विन टनल है।
पुनर्वास और आगे की योजना क्या है
BMC ने बताया कि यह कार्रवाई 2022 में किए गए सर्वे के आधार पर की गई है। पात्र लोगों को 27 मई 2026 को कंजुरमार्ग में पुनर्वास फ्लैटों की चाबियां दे दी गई थीं। इस इलाके में कुल 384 अवैध ढांचे चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 150 हटाए जा चुके हैं। बाकी बचे 234 अवैध ढांचों को अगले हफ्ते हटाया जाएगा। वहीं, कुछ निवासियों ने सर्वे में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें घर से बेघर कर दिया गया है, जिस पर अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Goregaon–Mulund Link Road प्रोजेक्ट की खासियत क्या है?
यह 12.20 किमी लंबा प्रोजेक्ट है जो मुंबई के ट्रैफिक को कम करेगा। इसमें संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे 6.65 किमी लंबी ट्विन टनल बनाई जा रही है।
जिनके घर हटाए गए उन्हें पुनर्वास कहां मिलेगा?
BMC ने पात्र लाभार्थियों को कंजुरमार्ग में पुनर्वास फ्लैट दिए हैं। जो लोग अभी भी पात्रता का दावा कर रहे हैं, उनके मामलों की जांच कार्रवाई के बाद की जाएगी।