Maharashtra : मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव जीतने वाले कई पार्षदों की कुर्सी अब खतरे में है। जनवरी 2026 के चुनावों के बाद, चुने हुए 227 नगरसेवकों में से 79 के खिलाफ कोर्ट में कानूनी चुनौतियां पेश की गई हैं। यह जानकारी एक
Maharashtra : मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव जीतने वाले कई पार्षदों की कुर्सी अब खतरे में है। जनवरी 2026 के चुनावों के बाद, चुने हुए 227 नगरसेवकों में से 79 के खिलाफ कोर्ट में कानूनी चुनौतियां पेश की गई हैं। यह जानकारी एक RTI आवेदन के बाद सामने आई है, जिससे शहर की राजनीति में हलचल मच गई है।
नगरसेवकों की जीत को किन आधारों पर चुनौती दी गई है?
BMC के कानूनी विभाग ने RTI एक्टिविस्ट Anil Galgali को दी गई जानकारी में बताया कि इन 79 पार्षदों की जीत को लेकर कई याचिकाएं कोर्ट में लंबित हैं। मुख्य रूप से FIR का खुलासा न करने, जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) में गड़बड़ी और पते के सबूत (Address Proof) जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। इनमें से एक शिवसेना पार्षद के खिलाफ याचिका खारिज हो चुकी है, जबकि बाकी मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं।
कौन लोग हैं जिन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है?
इन कानूनी चुनौतियों के पीछे पूर्व नगरसेवक, राजनीतिक वारिस और करीबी अंतर से चुनाव हारे उम्मीदवार हैं। याचिका दायर करने वालों में कांग्रेस उम्मीदवार Sheetal Mhatre और शिवसेना के Rajul Patel, Sanjay Nana Ambole और Raju Pednekar शामिल हैं। इसके अलावा, मुंबई उत्तर पश्चिम सांसद Ravindra Waikar की बेटी Deepti Waikar Potnis और पूर्व MLA Sada Sarvankar की बेटी Priya Sarvankar Gurav ने भी याचिकाएं लगाई हैं।
जाति प्रमाण पत्र को लेकर क्या है पुराना मामला?
इस पूरे मामले के बीच एक पुराना मामला भी चर्चा में आया है। अप्रैल 2026 में पूर्व नगरसेवक Ramesh Kamble के खिलाफ FIR दर्ज हुई। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2002 के BMC चुनाव में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर आरक्षित सीट जीती थी। इस मामले में डिविजनल कास्ट वेरिफिकेशन कमेटी और बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी अयोग्यता को सही माना था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई के कितने नगरसेवकों की जीत को कोर्ट में चुनौती दी गई है?
BMC के कुल 227 निर्वाचित नगरसेवकों में से 79 पार्षदों की जीत को कोर्ट में चुनौती दी गई है, जो कुल संख्या का लगभग 34% है।
यह जानकारी सार्वजनिक कैसे हुई और मुख्य कारण क्या हैं?
यह जानकारी RTI एक्टिविस्ट Anil Galgali द्वारा मांगी गई जानकारी के बाद सामने आई। चुनौतियां मुख्य रूप से FIR के खुलासे, गलत जाति प्रमाण पत्र और पते के सबूतों को लेकर हैं।