Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) के करीब एक-तिहाई नए पार्षदों की जीत अब कानूनी मुश्किलों में फंस गई है। कुल 79 पार्षदों के खिलाफ अलग-अलग अदालतों में याचिकाएं दाखिल की गई हैं। यह जानकारी आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने ब
Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) के करीब एक-तिहाई नए पार्षदों की जीत अब कानूनी मुश्किलों में फंस गई है। कुल 79 पार्षदों के खिलाफ अलग-अलग अदालतों में याचिकाएं दाखिल की गई हैं। यह जानकारी आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने बीएमसी के कानूनी विभाग से मिले जवाब के बाद साझा की है।
इन पार्षदों की जीत को क्यों चुनौती दी गई?
अदालतों में दाखिल याचिकाओं में कई तरह की गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। इनमें नामांकन दस्तावेजों में गलती, जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर विवाद और चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाना मुख्य कारण हैं। कुछ मामलों में आपराधिक केस की जानकारी न देने और प्रक्रिया में चूक के आधार पर याचिकाएं लगाई गई हैं।
कौन से नेता और पार्टियां इस विवाद में शामिल हैं?
इस कानूनी लड़ाई में हारने वाले उम्मीदवार और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी शामिल हैं। बीजेपी के विनोद मिश्रा, कांग्रेस की शीतल म्हात्रे और शिवसेना के राजुल पटेल जैसे नेताओं ने याचिकाएं दायर की हैं। इसके अलावा, सांसद रवींद्र वायकर की बेटी दीप्ति वायकर पोटनिस और पूर्व विधायक सदा सर्वणकर की बेटी प्रिया सर्वणकर गुरव ने भी चुनौती दी है। बीजेपी की ज्योति अनिल उपाध्याय ने भी महज 7 वोटों से हारने के बाद मामला कोर्ट में ले जाया है।
अब आगे क्या होगा और इसका क्या असर पड़ेगा?
बीएमसी के 227 सदस्यों वाले सदन में सत्ता का संतुलन इन फैसलों से बदल सकता है। हालांकि, एक याचिका को निचली अदालत ने खारिज कर दिया है, लेकिन बाकी 78 मामलों की सुनवाई जारी है। जनवरी 2026 के चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन बहुमत में आया था और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। अगर कोर्ट कई पार्षदों को अयोग्य घोषित करता है, तो सदन की ताकत पर असर पड़ेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BMC चुनाव कब हुए थे और नतीजे कब आए थे?
मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव 15 जनवरी 2026 को हुए थे और इनके नतीजे 16 जनवरी 2026 को घोषित किए गए थे।
कितने पार्षदों के खिलाफ याचिकाएं दाखिल हुई हैं?
कुल 79 पार्षदों की जीत को कोर्ट में चुनौती दी गई है, जिनमें से एक याचिका खारिज हो चुकी है और 78 मामलों की सुनवाई चल रही है।