Maharashtra: मुंबई में निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे (C&D waste) को हटाने के लिए BMC ने एक नया ऑटोमेटेड सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम के आने से शहर की सड़कों और खाली जगहों पर जमा होने वाले कचरे पर लगाम लगेगी। अ
Maharashtra: मुंबई में निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे (C&D waste) को हटाने के लिए BMC ने एक नया ऑटोमेटेड सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम के आने से शहर की सड़कों और खाली जगहों पर जमा होने वाले कचरे पर लगाम लगेगी। अप्रैल महीने में इस डिजिटल निगरानी के जरिए करीब 14,125 टन मलबा हटाया गया है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार दिख रहा है।
नया सिस्टम कैसे काम करेगा और क्या हैं नियम?
BMC ने इसके लिए एक नया SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) लागू किया है। अब निर्माण कार्य करने वाले सभी लोगों को AutoDCR सिस्टम के जरिए मलबे का हिसाब देना होगा। मलबे को ले जाने वाले वाहनों में VTMS (व्हीकल ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) लगाना जरूरी कर दिया गया है। अगर किसी गाड़ी में यह ट्रैकिंग सिस्टम नहीं होगा, तो उसे कचरा डंप करने वाली साइट पर एंट्री नहीं मिलेगी। मलबे को केवल अधिकृत रीसाइक्लिंग प्लांट या देवनार जैसी तय जगहों पर ही डाला जा सकता है, शहर की सीमा से बाहर ले जाना मना है।
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?
नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ BMC सख्त कार्रवाई करेगी। अगर कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता है, तो प्रति वाहन 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार गलती करने वालों पर और कड़ी कार्रवाई होगी। बड़े प्रोजेक्ट्स और सरकारी कामों के लिए 25 लाख रुपये या प्रोजेक्ट लागत का 0.1% सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा, जो काम पूरा होने और नियमों के पालन के बाद ही वापस मिलेगा।
मुंबई में मलबे की क्या स्थिति है?
BMC के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के डिप्टी कमिश्नर किरण दिघावकर के मुताबिक, मुंबई में हर दिन लगभग 8,000 टन निर्माण मलबा निकलता है। यह मात्रा शहर के रोज के सामान्य कचरे से भी करीब 1,000 टन ज्यादा है। फिलहाल दहिसर और शिलफाटा में दो रीसाइक्लिंग प्लांट हैं, जो दिन भर में 1,200 टन कचरा प्रोसेस कर सकते हैं। BMC अब दिल्ली के ‘मलबा पोर्टल’ की तर्ज पर एक और डिजिटल सिस्टम लाने की तैयारी में है, जिसकी जानकारी बॉम्बे हाई कोर्ट की कमेटी को दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
निर्माण मलबे के लिए BMC ने क्या नया नियम लागू किया है?
BMC ने AutoDCR और VTMS सिस्टम लागू किया है। अब सभी प्रोजेक्ट प्रपोनेंट्स को वेस्ट मैनेजमेंट प्लान देना होगा और मलबे ले जाने वाले वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग अनिवार्य होगी।
नियमों का पालन न करने पर कितनी पेनल्टी देनी होगी?
SOP का पालन न करने पर प्रति वाहन 25,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 25 लाख रुपये या प्रोजेक्ट लागत का 0.1% सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना जरूरी है।