Mumbai में BMC के 3,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की जीत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा- मिलेगा न्यूनतम वेतन

Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में काम करने वाले करीब 3,000 कम्युनिटी हेल्थ वॉलंटियर्स (CHV) के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि ये स्वास्थ्य कार्यकर्ता न्यूनतम वेतन (Min

Maharashtra: मुंबई नगर निगम (BMC) में काम करने वाले करीब 3,000 कम्युनिटी हेल्थ वॉलंटियर्स (CHV) के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि ये स्वास्थ्य कार्यकर्ता न्यूनतम वेतन (Minimum Wages) पाने के हकदार हैं। कोर्ट ने इस मामले में BMC द्वारा दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

यह पूरा विवाद साल 2020 के एक आदेश से शुरू हुआ था। 7 सितंबर 2020 को न्यूनतम मजदूरी प्राधिकरण और श्रम आयुक्त ने निर्देश दिया था कि CHV को न्यूनतम वेतन और विशेष भत्ता दिया जाए। BMC ने इस आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने अब इसे बरकरार रखा है। जस्टिस संदीप Marne ने अपने फैसले में कहा कि ये कार्यकर्ता केवल ‘वॉलंटियर’ नहीं हैं, बल्कि वे नगर निगम के लिए बहुत जरूरी काम करते हैं और इसके बदले उन्हें उचित वेतन मिलना चाहिए।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वेतन को ‘मानदेय’ या ‘honorarium’ कहने से उनकी कर्मचारी वाली स्थिति नहीं बदल जाती। फिलहाल इन कार्यकर्ताओं को करीब 14,000 रुपये महीना मिलता है, लेकिन अब उन्हें काम के घंटों के हिसाब से न्यूनतम वेतन का अंतर दिया जाएगा।

इस फैसले से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

विवरण जानकारी
प्रभावित कर्मचारी करीब 3,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ता (CHV)
मुख्य कानून न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948
कोर्ट का फैसला BMC की याचिका खारिज, न्यूनतम वेतन मान्य
वर्तमान मानदेय लगभग ₹14,000 प्रति माह
बकाया राशि (2015-16) ₹32.87 करोड़ (निर्धारित)
यूनियन का दावा 2016 से 2020 तक करीब ₹100 करोड़ का बकाया

हालांकि, कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि न्यूनतम वेतन मिलने का मतलब यह नहीं है कि इन कार्यकर्ताओं को पक्की नौकरी या अन्य सरकारी सेवा लाभ मिलेंगे। उनकी नियमित नियुक्ति और स्थायी होने की मांग पर मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।